अब घर बैठे यमुना प्राधिकरण से मंजूर कराएं नक्शा

कोरोना काल में मानचित्र स्वीकृति की ऑफलाइन प्रणाली पर रोक

ग्रेटर नोएडा। कोरोना संकट काल में यमुना प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मानचित्र स्वीकृति के लिए आवंटियों को अब यमुना प्राधिकरण कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन पर रोक लगा दी गई है। इससे कार्यालय में अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होगी। नई व्यवस्था से आवंटियों का समय और पैसा भी बचेगा। इसके अलावा डेढ़ माह के भीतर सभी प्रकार की प्रॉपर्टी का विवरण ऑनलाइन हो जाएगा। यमुना प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में जरूरी निर्णय लिए गए हैं। बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने आवंटियों की समस्याओं के निदान में तेजी लाने के निर्देश दिए। यमुना प्राधिकरण के लगभग 32 हजार आवंटी हैं। आवंटियों को अलग-अलग कार्यों के लिए अक्सर प्राधिकरण कार्यालय में आना पड़ता है। आवंटियों की इस समस्या को दूर करने हेतु प्राधिकरण अपनी कार्यशैली में परिवर्तन कर रहा है। मानचित्र पास कराने के लिए ऑनलाइन सुविधा से आवंटी को प्राधिकरण कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मानचित्र नियमों के अनुरूप नहीं होगा तो ऑनलाइन आवंटी को इसकी सूचना देकर संशोधित मानचित्र देने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा सभी प्रकार की संपत्ति का विवरण ऑनलाइन होने से आवंटी घर बैठे जमा व बकाया किस्त की जानकारी ले सकेगा। कार्यशैली को ज्यादा पेशेवर बनाने को प्राधिकरण कस्टमर रिलेशन सेल को आउटसोर्स करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। आवंटियों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी होगा। आवंटियों को एक और राहत मिली है। लोकेशन के आधार पर भूखंड की बढ़ी दर का एक मुश्त की बजाय 4 किस्तों में भुगतान हो सकेगा। कोने का भूखंड या पार्क फेसिग होने पर भूखंड की अतिरिक्त कीमत प्राधिकरण वसूल करता है। कई बार कोने के भूखंड का आकार भी अन्य के सापेक्ष अधिक होता है। इसकी अतिरिक्त कीमत को किस्तों में भुगतान किया सकेगा।