शासन की हिदायत के बाद किसानों को मिलेगी राहत
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश शासन ने किसानों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लीज बैक और आबादी के भूखंडों के संबंध में यह कदम उठाया गया है। उप्र शासन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से लीज बैंक और आबादी के भूखंडों के प्रकरण का गंभीरता से निपटारा करने को कहा है। निपटाने के लिए कहा है। कृषकों से सीधे भूमि क्रय करने में भूमि अर्जन अधिनियम लागू होंगे। इससे किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधीन कुछ गांवों के किसानों ने पिछले माह आंदोलन किया था। इसके बाद प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों की मुलाकात कैबिनेट मंत्री सतीश महाना से कराई थी। किसान अधिकार युवा रोजगार आंदोलन संगठन के नेतृत्व में किसानों ने कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था। संबंधित ज्ञापन पर विचार-विमर्श के बाद शासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन के अनु सचिव आनंद कुमार सिंह ने इस बावत लिखित आदेश जारी किए हैं। अनु सचिव आनंद कुमार ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से कहा कि वह किसानों की आबादी व लीज बैक के प्रकरण का जल्द निपटारा करें। इस पर गंभीरता से कार्य किया जाए। अनु सचिव आनंद कुमार ने आदेश में कहा है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कृषकों से सीधे सहमति के आधार पर जमीन खरीदी है। किसानों ने अपनी इच्छा से प्राधिकरण को भूमि दी है। सीधे भूमि खरीदने से कृषकों को भूमि अर्जन अधिनियम के प्रावधान के तहत लाभ नहीं दिए जा सकते हैं। यह कानून के विपरीत होगा। अनु सचिव ने यह आदेश ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भेज दिए हैं। उधर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अनु सचिव के आदेश का पालन कराया जाएगा। इस संबंध में किसानों को भी अवगत कराया जाएगा।
















