तेलंगाना प्रतिनिधिमंडल ने जाना यीडा का विकास मॉडल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और औद्योगिक हब से लिया अनुभव

  • यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विकास मॉडल का गहन अध्ययन किया
  • भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, विभागीय समन्वय और सभी स्टेकहोल्डरों की भूमिका पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श
  • ग्रेटर नोएडा में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक परियोजनाओं का निरीक्षण, तेजी से हो रहे विकास से प्रतिनिधिमंडल हुआ प्रभावित

उदय भूमि संवाददाता

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का विकास मॉडल जानने के लिए तेलंगाना की फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को ग्रेटर नोएडा पहुँचा। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने यीडा अधिकारियों के साथ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, विभागीय समन्वय, औद्योगिक हब और सभी स्टेकहोल्डरों की भूमिकाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरके सिंह और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने प्रतिनिधिमंडल को यीडा के विकास मॉडल की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यीडा क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, उत्तर भारत का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क, सेमीकंडक्टर यूनिट और कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य चल रहा है। विशेष रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताया गया, जिसमें भूमि अधिग्रहण किसानों की सहमति से नए कानून के तहत किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने भूमि अधिग्रहण की पारदर्शी प्रक्रिया और किसानों के हितों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। अधिकारियों ने बताया कि बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर धरातल पर उतारने के लिए एक्सपर्ट एजेंसियों का चयन किया जाता है और उनके माध्यम से कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जाता है। कार्यालय में विस्तृत प्रस्तुति के बाद प्रतिनिधिमंडल ने यीडा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का दौरा किया। उन्होंने देखा कि सड़क, बिजली, जलापूर्ति, औद्योगिक हब और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य कितनी तेजी से और योजनाबद्ध तरीके से चल रहे हैं। विशेष रूप से मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट का निरीक्षण कर टीम ने उत्साह व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से पूछा कि बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत, समय-सीमा और पर्यावरणीय सुरक्षा का प्रबंधन कैसे किया जाता है। यीडा अधिकारियों ने बताया कि हर प्रोजेक्ट में ट्रांसपेरेंसी, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रोजेक्ट्स में डिजिटल मॉनिटरिंग और समय-सीमा पर निगरानी के आधुनिक उपाय अपनाए जा रहे हैं। तेलंगाना टीम ने यीडा की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की गति, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को गति मिलती है। प्रतिनिधिमंडल ने इस अनुभव को अपने राज्य में लागू करने की इच्छा जताई, ताकि विकास की इसी तरह की सफलता वहां भी देखी जा सके। यीडा अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे अनुभव आदान-प्रदान कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि देश के विभिन्न राज्यों को यीडा मॉडल के लाभ और प्रशासनिक दक्षता से अवगत कराया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने यीडा टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने विकास कार्यों की योजना, उनके क्रियान्वयन और पारदर्शिता के नए मानक स्थापित किए हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

आरके सिंह, सीईओ यीडा

यीडा का विकास मॉडल पूरी तरह पारदर्शी और समन्वित है। सभी परियोजनाओं में किसानों की सहमति, विभागों का तालमेल और स्टेकहोल्डरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। हमारा लक्ष्य सिर्फ निर्माण नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
आरके सिंह
मुख्य कार्यकारी अधिकारी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण