आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह का सघन निरीक्षण- डालमिया आसवनी इकाइयों में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित

-डालमिया चीनी मिल और आसवनी इकाइयों का निरीक्षण, उत्पादन और राजस्व वृद्धि पर विशेष जोर
-पॉश मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश, पंचायत चुनाव से पूर्व सख्त प्रवर्तन अभियान
-पॉश मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री, पंचायत चुनाव से पहले सख्त प्रवर्तन और अवैध मदिरा के स्रोतों को समूल नष्ट करने के आदेश

उदय भूमि संवाददाता
सीतापुर। आबकारी विभाग ने गुरुवार को एक बार फिर अपने संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह एवं अपर आबकारी आयुक्त (प्रशासन) नवनीत सेहरा ने डालमिया चीनी मिल आसवनी इकाई और डालमिया भारत एवं शुगर आसवनी यूनिट (ग्रेन बेस्ड) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन, उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार राकेश कुमार सिंह, आसवनी के सहायक आबकारी आयुक्त और आसवनी प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आदर्श सिंह ने उत्पादन, पारेषण और राजस्व संग्रह की पूरी प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की। ग्रेन बेस्ड आसवनी में ग्रेन की आपूर्ति, प्राप्त रिकवरी और उत्पादन के आंकड़ों का निरीक्षण किया गया। सभी पंजिकाओं का अवलोकन किया गया और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए ताकि उत्पादन और पारेषण में कोई त्रुटि न हो। आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास सिर्फ नियमों का पालन कराना नहीं है, बल्कि अवैध गतिविधियों और अनियमितताओं को पूरी तरह से समाप्त करना है। अधिकारी और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन पूरी ईमानदारी से करना होगा और हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखनी होगी। हमारा उद्देश्य सीतापुर को अवैध मदिरा मुक्त और सुरक्षित बनाना है।

इसके बाद उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी और अपराध निरोधक क्षेत्र में तैनात आबकारी निरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोग आधारित अधिकारिक राजस्व अर्जन में वृद्धि की जाए और पॉश मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित की जाए। आदर्श सिंह ने कहा कि इन तकनीकी उपायों से न केवल राजस्व में सुधार होगा, बल्कि अवैध बिक्री पर भी रोक लगेगी। आगामी पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के आदेश दिए। इस अभियान के तहत विभागीय टीमों को निर्देशित किया गया कि वे अवैध मदिरा उत्पादन और बिक्री के सभी स्रोतों की पहचान कर उन्हें समूल नष्ट करें। इसके अलावा, संभावित ठिकानों जैसे ईंट भट्टों और आस-पास के क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय का भी दौरा किया गया। आदर्श सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यकुशलता बनाए रखने, रिपोर्टिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और समय पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार होना होगा। केवल निरीक्षण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिणामोन्मुख कार्य और जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आबकारी विभाग की टीम ने बताया कि आदर्श सिंह की कार्यशैली बेहद प्रभावशाली और परिणामोन्मुखी है। उनका कहना है कि निरीक्षण और स्पष्ट दिशा-निर्देश देने से कार्यकुशलता बढ़ती है और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगता है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आदर्श सिंह की सक्रिय निगरानी और सख्ती से न केवल राजस्व संग्रह में सुधार हुआ है, बल्कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मदिरा का कारोबार घटा है। आबकारी आयुक्त ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य सीतापुर को राज्य के सबसे अनुशासित और सुरक्षित आबकारी क्षेत्र में शामिल करना है। हर अधिकारी को अपने क्षेत्र में कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करना होगा। जनता की सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक अवैध मदिरा से दूर रहें और सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन करें।

निरीक्षण अभियान और सख्त दिशा-निर्देशों से यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि आबकारी विभाग प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में अग्रणी बनने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभियान न केवल राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करेगा, बल्कि अवैध मदिरा की तस्करी और बिक्री पर भी कठोर अंकुश लगाएगा। आबकारी आयुक्त आदर्श सिंह की यह पहल विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और सख्ती का प्रतीक मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनका निरीक्षण और मार्गदर्शन अधिकारियों में जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। सीतापुर में इस सघन अभियान से स्पष्ट संदेश गया है कि आबकारी विभाग नियमों और कानून के पालन के साथ-साथ जनता की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील और सक्रिय है।