गाजियाबाद में रोहिंग्या का खतरा, सरकार से पैसा लेकर बनाया घर, सरकारी एजेंसी अब कर रही है जांच – Rohingya

Rohingya – भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बांग्दालेशी और रोहिंग्या को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लाभ दिया गया है। पीएम आवास योजना में भवन निर्माण के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की जाती है। यूपी एटीएस की टीम ने पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से 27 जुलाई को बांग्लादेश और म्यांमार के 3 नागरिकों को पकड़ा था।

गाजियाबाद। दिल्ली के नजदीक गाजियाबाद जनपद में रोहिंग्या की सक्रियता बेहद आश्चर्यजनक है। इससे शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। रोहिंग्या पर यूपी एटीएस का खुलासा और लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने चिंता और बढ़ा दी है। फर्जी तरीके से जरूरी दस्तावेज तैयार कर रोहिंग्या द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लिया गया। सरकारी पैसे से आशियाने बनवा कर अब बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या गाजियाबाद के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। ऐसे में सरकारी एजेंसियां अब चौकन्ना हो गई हैं। इन एजेंसियों ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। देश की राजधानी के समीप जनपद गाजियाबाद लंबे समय से अवैध बांग्लादेशियों की शरणस्थली रहा है। जिले की विभिन्न कॉलोनियों से समय-समय पर बांग्लादेशियों की धरपकड़ होती रही है। अब बांग्लादेशियों के साथ रोहिंग्या की भी घुसपैठ होना चिंताजनक है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी का खेल
यूपी एटीएस की टीम ने पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से 27 जुलाई को बांग्लादेश और म्यांमार के 3 नागरिकों को पकड़ा था। एटीएस टीम ने ब्रह्मपुत्र मेल में छापा मारा था। बांग्लादेशी के अलावा मूल रूप से म्यांमार निवासी 2 Rohingya के कब्जे से म्यांमार की 2 लड़कियों को भी मुक्त कराया गया था। तीनों आरोपी अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह से जुड़े पाए गए। बरामद लड़कियों को तस्करी कर नई दिल्ली ले जाया जा रहा था। जांच एजेंसी का कहना है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या ने गलत तरीके से जरूरी दस्तावेज तक बनवा रखे हैं। इनमें पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि शामिल हैं। किस तरीके से यह दस्तावेज बनवाए गए अब इसकी भी जांच हो रही है।

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भाजपा विधायक के सनसनीखेज आरोप
लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बांग्दालेशी और रोहिंग्या को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और Rohingya को लाभ दिया गया है। पीएम आवास योजना में भवन निर्माण के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की जाती है। इस योजना में आवेदनों की जांच का काम जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) पर होता है। विधायक गुर्जर का आरोप है कि डूडा के स्टाफ ने मोटी कमाई की लालसा में पीएम आवास योजना में 70 प्रतिशत तक बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। विधायक का कहना है कि लोनी क्षेत्र में भी काफी संख्या में फर्जी कागजातों के आधार पर बांग्लादेशी और Rohingya को बसाया गया है। भविष्य में गंभीर संकट पैदा होने की संभावना है।

त्रिपुरा के रास्ते घुसपैठ
यूपी एटीएस की जांच में मालूम पड़ा है कि देश में त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेशी और म्यांमार के Rohingya नागरिकों की घुसपैठ कराई जा रही है। खुली सीमा होने का फायदा उठाकर घुसपैठियों को लाया जा रहा है। त्रिपुरा से बांग्लादेश और म्यांमार के नागरिकों को सीमा पार कराना आसान होता है। एटीएस के शिकंजे में आए मानव तस्करों के निशाने पर त्रिपुरा, मेघालय, असम, मणिपुर और उत्तर भारत की गरीब महिलाएं भी थीं। इन महिलाओं को बहला-फुसला कर अथवा पैसों का लालच देकर जाल में फंसाया जाना था, मगर इसके पहले आरोपियों का भांडा फूट गया।

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इन कॉलोनियों में बसेरा
गाजियाबाद शहर की कुछ कॉलोनियां हमेशा अवैध बांग्लादेशियों और Rohingya की शरणस्थली रही हैं। इनमें ट्रांस हिंडन क्षेत्र की शहीद नगर, पप्पू कॉलोनी, भोपुरा, कृष्णा विहार, कुटी कॉलोनी, डीएलएफ कॉलोनी, तुलसी निकेतन, राजीव कॉलोनी (भोपुरा), भोवापुर, ब्रिज विहार, अर्थला, महाराजपुर आदि शामिल हैं। इन कॉलोनियों में बांग्लादेशी किराए पर छोटे-छोटे कमरे ले लेते हैं। बाद में वह कबाड़ एकत्र करने के अलावा ठेली-पटरी के जरिए दिन में काम-धंधा करते हैं। जबकि रात्रि में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। इन कॉलोनियों से समय-समय पर पुलिस एवं एलआईयू की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर अवैध बांग्लादेशियों को दबोचा है। आरोप है कि किराए की लालसा में मकान मालिक अक्सर बांग्लादेशियों की तहकीकात तक नहीं करते हैं।

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