92 करोड़ से राजनगर एक्सटेंशन में बनेगा भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल राजधानी बनने की राह पर गाजियाबाद

-पर्यावरण अनुकूल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा शहर की नई पहचान: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार
-खिलाडिय़ों को आधुनिक सुविधाएं, शहरवासियों को मिलेगा खेल व सामाजिक गतिविधियों का मंच
-ग्रीन तकनीक से बनेगा पर्यावरण अनुकूल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को खेल, स्वास्थ्य और आधुनिक शहरी सुविधाओं के नए आयाम से जोडऩे की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। राजनगर एक्सटेंशन में करीब 92 करोड़ 22 लाख 49 हजार रुपये की लागत से भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा शहर के समग्र विकास को गति दी जा रही है और इसी क्रम में शासन से स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परियोजना की प्रगति को लेकर बुधवार को नगर आयुक्त को कार्यदायी संस्था सी एंड डी एस, उत्तर प्रदेश जल निगम की टीम ने विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण के दौरान नगर आयुक्त ने परियोजना की गुणवत्ता, समयबद्धता और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। करीब 48 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित होने वाला यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स गाजियाबाद के खिलाडिय़ों के लिए अत्याधुनिक खेल सुविधाओं का केंद्र बनेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि यह परियोजना केवल खेल परिसर नहीं बल्कि शहरवासियों के लिए स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक मेलजोल का नया मंच साबित होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिकता खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। कॉम्प्लेक्स में आउटडोर और इनडोर दोनों प्रकार के खेलों की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। यहां क्रिकेट पिच, टेनिस लॉन, वॉलीबॉल कोर्ट, फिट इंडिया जोन, किड्स प्ले एरिया, वॉकिंग एवं जॉगिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं इनडोर खेलों में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, जिम्नास्टिक, जूडो, कबड्डी, शूटिंग, ताइक्वांडो, योगा, स्विमिंग, सॉफ्टबॉल सहित लगभग 30 खेल गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे शहर के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को पर्यावरण अनुकूल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। हरित तकनीक, ऊर्जा संरक्षण और आधुनिक संसाधनों का उपयोग करते हुए इसे एक सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद को स्मार्ट और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

परियोजना में खिलाडिय़ों और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक भवन का भी निर्माण किया जाएगा। इसमें बैंक्विट एवं पार्टी लॉन, ओपन कैफेटेरिया, गेस्ट रूम, बोर्ड गेम रूम, योगा रूम, डॉक्टर क्लीनिक तथा दो मंजिला प्रशासनिक भवन शामिल होगा। लगभग 60 लोगों की बैठने की क्षमता वाला कैफेटेरिया और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर आयुक्त ने बैठक के दौरान उपस्थित अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सहित सभी अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीम को प्रेरित करते हुए कहा कि यह परियोजना गाजियाबाद की पहचान बदलने वाली योजना है, इसलिए हर स्तर पर पारदर्शिता और उत्कृष्ट निर्माण सुनिश्चित किया जाए। नगर आयुक्त की सक्रिय कार्यशैली और नियमित मॉनिटरिंग के चलते नगर निगम की विकास परियोजनाएं तेज गति से आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण 15 माह की निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। शहरवासियों का मानना है कि इस भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से गाजियाबाद की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी। खेल प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे युवाओं को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही यह परिसर सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक आयोजनों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। कुल मिलाकर नगर निगम की यह पहल गाजियाबाद को खेल, स्वास्थ्य और आधुनिक शहरी विकास के नए दौर में ले जाने वाली साबित हो रही है, जहां खेल प्रतिभा, नागरिक सुविधा और पर्यावरण संरक्षण तीनों का संतुलित समावेश देखने को मिलेगा।