-30 एकड़ में तैयार हो रहा आधुनिक डियर पार्क, निर्माण कार्य में लाई गई तेजी
-वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
-बैटरी गोल्फ कार्ट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा पार्क
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण शहर को हरित और पर्यावरण अनुकूल पहचान देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सेक्टर-91 में विकसित किए जा रहे बहुप्रतीक्षित डियर पार्क परियोजना को लेकर अब स्पष्ट समयसीमा तय कर दी गई है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बुधवार को परियोजना की समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि डियर पार्क को इसी वर्ष अक्टूबर तक आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाए। करीब 30 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित हो रहा यह डियर पार्क नोएडा के सबसे बड़े ईको-फ्रेंडली सार्वजनिक स्थलों में शामिल होगा। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी सहित परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, जिस पर सीईओ ने संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही समयबद्ध गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा के दौरान पार्क के एंट्री प्लाजा, आंतरिक मार्गों, हरित क्षेत्र विकास और वन्यजीव एनक्लोजर की विशेष रूप से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि हिरणों और अन्य वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें खुला, सुरक्षित और तनावमुक्त आवास मिल सके। पार्क की संरचना इस तरह तैयार की जा रही है कि आगंतुक वन्यजीवों को प्राकृतिक परिवेश में देख सकें और प्रकृति से जुड़ाव महसूस कर सकें। सीईओ ने कहा प्राधिकरण का उद्देश्य डियर पार्क को केवल मनोरंजन स्थल तक सीमित न रखते हुए इसे जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र बनाना है। पार्क में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों की भी व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे नई पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण के महत्व से परिचित कराया जा सके।
पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सीईओ ने अधिकारियों को बैटरी चालित गोल्फ कार्ट संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि बुजुर्गों और बच्चों को पार्क भ्रमण में सुविधा मिल सके। इसके अलावा ईवी चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ शौचालय, पेयजल केंद्र, बैठने के स्थान और धूप से बचाव के लिए पर्याप्त शेड विकसित करने को कहा गया है। परियोजना के तहत पार्क को पूरी तरह हरित मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इसमें पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री, हरित ऊर्जा और प्राकृतिक जल संरक्षण व्यवस्था शामिल होगी। डियर पार्क तैयार होने के बाद नोएडा में पर्यटन और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों को नया प्लेटफॉर्म मिलेगा।
डियर पार्क से आसपास के सेक्टरों के निवासियों को खुला प्राकृतिक वातावरण मिलेगा, वहीं शहर के बढ़ते शहरीकरण के बीच यह परियोजना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के शहरी वन और जैव विविधता पार्क महानगरों में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होते हैं। अक्टूबर तक पार्क पूरी तरह तैयार होकर जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके लिए निर्माण एजेंसियों को चरणबद्ध योजना बनाकर कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने को भी कहा गया है। डियर पार्क के शुरू होने के बाद यह नोएडा का नया आकर्षण केंद्र बनेगा, जहां लोग प्रकृति, वन्यजीव और आधुनिक सुविधाओं का एक साथ अनुभव कर सकेंगे।
डियर पार्क बनेगा नोएडा की नई पहचान
मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने कहा कि सेक्टर-91 में विकसित किया जा रहा डियर पार्क नोएडा के नागरिकों को विश्वस्तरीय हरित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पार्क को केवल मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और इको-टूरिज्म के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सीईओ ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हो। अक्टूबर तक डियर पार्क जनता के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे शहरवासियों को प्राकृतिक वातावरण, वन्यजीवों के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा अनुभव मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।


















