विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, नई योजना तैयार

गाजियाबाद। जीडीए ने शहर में विकास कार्य पूर्ण कराने को नई योजना तैयार की है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया है। इसके अलावा अभियंत्रण जोन क्षेत्र में शुरू होने वाले कार्य और वर्तमान में इनकी स्थिति का वीडियो मांगा जाएगा। कार्यों की प्रगति रिपोर्ट के बाद ठेकेदारों को भुगतान होगा। समस्याओं के निदान को अलग से समिति गठित की गई है। जीडीए आने वाले 6 माह में प्रस्तावित नए कार्यों की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इन कार्यों को पूरा कराने के लिए निगरानी हेतु अलग से जिम्मेदारी सौंपी गई है। जीडीए की डिजिटल डायरी के अनुसार पिछले 10 साल में शहर में जीडीए द्वारा 46,713 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च किए गए। इनमें मेट्रो, एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर, आरओबी आदि का निर्माण शामिल हैं। वहीं, मधुबन-बापूधाम योजना के लिए 281 एकड़ जमीन के अलावा अधिग्रहण किए जाने और योजना को विकसित किए जाने पर यह धनराशि खर्च की गई। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि जीडीए की आने वाले महीनों में तीन रूटों पर रोप-वे का निर्माण करने के अलावा हिंडन एलिवेटेड रोड से कनेक्टिविटी के लिए फ्लाईओवर निर्माण कर जोडऩा है। वहीं, चौधरी मोड़ पर लूप एवं यू-टर्न का निर्माण और वैशाली से नोएडा एवं वैशाली से मोहन नगर तक मेट्रो विस्तार, स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए 200 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने की प्लानिंग हैं। जीडीए द्वारा पिछले 10 साल में कुल 536 विकास कार्यों के ठेके छोड़े गए। इनमें से 423 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, 101 विकास कार्यों पर काम चल रहा है। जबकि 12 विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए। जीडीए की डिजिटल डायरी में विकास कार्यों की अनुमानित लागत 46,713 करोड़ दर्शाई गई है, मगर 5,274 करोड़ रुपए भुगतान किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि जीडीए के सभी 8 जोन अंतर्गत चल रहे सभी 110 विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया गया हैं। विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।