पीएफआई कार्यालय पर यूपी एसटीएफ की रेड

टेरर फंडिंग केस में जांच एजेंसी की कार्रवाई

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में दंगा भड़काने के लिए टेरर फंडिंग की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा की जा रही है। जांच के सिलसिले में यूपी एसटीएफ की टीम ने रविवार को दिल्ली के शाहीन बाग में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यालय पर छापा मारा। इससे वहां एकाएक खलबली मच गई। यह टीम महत्वपूर्ण बिंदुओं की बारीकी से जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश से स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम रविवार की सुबह दिल्ली के शाहीन बाग पहुंची। शाहीन बाग में पीएफआई का कार्यालय है। इस कार्यालय में एसटीएफ टीम ने छापा मारा है। सनद रे कि ने रउफ शरीफ से लंबी पूछताछ के बाद दिल्ली में पीएफआई के कार्यालय का रूख किया है। जांच टीम के साथ आरोपी रउफ शरीफ भी था। शाहीन बाग के अलावा पीएफआई के अन्य ठिकानों पर भी एसटीएफ की छापेमारी चल रही है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया स्टूडेंट विंग के रउफ शरीफ को एसटीएफ केरल से प्रॉडक्शन वारंट पर लेकर आई है। वह हाथरस में दंगा भड़काने के लिए टेरर फंडिंग और उत्तर प्रदेश में सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा की साजिश व फंडिंग करने का आरोपी है। आरोपी रउफ शरीफ को गत गुरुवार को मथुरा कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस ने रउफ शरीफ की 10 दिन की रिमांड मांगी थी। यूपी एसटीएफ केरल की एरनकुलम जेल से रउफ को लाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रउफ शरीफ के खिलाफ दिसंबर-2020 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। यूपी एसटीएफ का कहना है कि रउफ शरीफ ने विदेश से फंडिंग हासिल कर सिद्दीकी कप्पन और अन्य को रकम दी थी। हाथरस में दंगा भड़काने के षडयंत्र में सिद्दीकी कप्पन भी शामिल था। दंगा भड़काने के आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ और ईडी अब तक कई पुख्ता साक्ष्य जुटा चुकी हैं। इसके आधार पर जांच की कार्रवाई चल रही है।