वाहन चालकों का विरोध, शहरभर में नहीं उठा कूड़ा

गाजियाबाद। डंपिंग ग्राउंड में कूडा डालने के दौरान करंट लगने से वाहन चालक की मौत होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगर निगम के वाहन चालकों ने मंगलवार को विरोध स्वरूप कार्य का बहिष्कार किया। चालकों ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की पुरजोर मांग की। वाहन चालकों के विरोध के कारण शहरभर में कूड़ा लिफ्टिंग का काम बाधित रहा। वाहन चालकों का आरोप है कि कमीशन के चक्कर में घटिया वाहन खरीद लिए गए हैं। सीएनजी आधारित इन वाहनों से कूड़ा उतारते समय जान जोखिम में रहती है। जो डंपिंग ग्राउंड तय किया गया है, वहां कूड़ा वाहन ले जाने के दौरान भी हादसा होने का खतरा रहता है। बता दें कि संविदा चालक निखिल कौशिक पिछले 3 साल से नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहा था। सोमवार को वह कूड़े से लदे वाहन को लेकर मेरठ रोड पर शाहपुर स्थित डंपिंग ग्राउंड गया था। वहां वाहन से कूडा डंप करते समय वह ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की विद्युत लाइन की चपेट में आ गया था। झुलसी हालत में निखिल को आनन-फानन में नजदीकी नर्सिंग होम ले जाय गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वाहन चालक संघ के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह, महामंत्री सलीम एवं उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने दिवंगत निखिल कौशिक के शोक संतृप्त परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।