लोगों की जागरूकता से अवैध शराब की बिक्री पर लगेगी रोक: राकेश सिंह

-अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने चलाया जन-जागरूकता मुहिम, पम्मलेट चस्पा

-सावधान! सस्ती एवं मिलावटी शराब नहीं है मिथाइल अल्कोहल

गाजियाबाद। जनपद में अवैध शराब का धंधा रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अब जागरूकता का सहारा लिया जा रहा है। आबकारी विभाग की ओर से विभिन्न जगहों में पोस्टर लगाकर व प्रचार अभियान चलाकर लोगों को अवैध शराब के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। समय-समय पर पुलिस-आबकारी विभाग संयुक्त अभियान चलाकर अवैध शराब के अड्डों में तोडफ़ोड़ कर शराब नष्ट करने के साथ ही धंधे से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। लेकिन इसके बाद भी जनपद में अवैध शराब की बिक्री पर रोक नही लग रही है। जनपद में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के दुष्परिणामों के बारे में जन-साधारण को जागरूक कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश सिंह द्वारा गाजियाबाद में अवैध मदिरा/विषाक्त मदिरा के विरूद्ध संदेश लिखे पोस्टर जगह-जगह चस्पा किए जा रहे हैं। अवैध शराब का शौक है, तो उसे छोड़ दें। इसमें मिथाइल अल्कोहल की मिलावट हो सकती है। ऐसी शराब के प्रयोग से अंधेपन के साथ-साथ जान भी जा सकती है। जनपद गाजियाबाद में होली पर्व एवं आगामी पंचायत चुनाव के दृष्टिगत अवैध मदिरा के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत जनपद गाजियाबाद में अवैध मदिरा/विषाक्त मदिरा के विरूद्ध संदेश एवं नंबर लिखे पोस्टर जगह-जगह चस्पा किए जा रहे हैं तथा पूरे जनपद में अवैध शराब के दुष्परिणामों के बारे में जन साधारण को अवगत कराने के लिए लाउडस्पीकर से संदेश प्रसारित करवाया जा रहा है।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। शराब माफिया को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अवैध शराब की बिक्री के विरूद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता का कार्यक्रम भी किया जा रहा है। इस अभियान में सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है। केवल कार्रवाई से लोग जागरूक नहीं हो सकते हैं, अवैध रूप से शराब बनाकर बेचने वाले लोगों को उसके नुकसान के बारे में बताया जाएगा। जिससे लोग जागरूक हो। क्योंकि अवैध शराब की बिक्री पर पूर्र्णतया रोक लगाने के लिए लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है। बिना जागरूकता के अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाना संभव नही है। उन्होने बताया सभी आबकारी इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र में लोगों से तालमेल से काम करने के निर्देश दिए गये है। टीम द्वारा लगातार तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग को भरोसा है कि जागरूकता अभियान से इस धंधे को रोकने में मदद मिलेगी। शहरों के अलावा तमाम गांवों में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी अधिकारी ने अपील करते हुए कहा कि अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। समाज सेवियों, अभिभावकों व अध्यापकों को, युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है। अवैध शराब स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। जनता सस्ती व मिलावटी शराब पीने से हरसंभव परहेज करें। इच्छुक व्यक्ति केवल सरकारी दुकान से ही शराब खरीदें। सस्ती शराब के चक्कर में उपभोक्ता को नुकसान उठाना पड़ सकता है। मिलावटी शराब पीकर खुद के स्वास्थ्य व जीवन के साथ खिलवाड़ न करें। सरकारी दुकान पर शराब लेते समय सील बंद, क्यू आर कोड देखकर ही शराब खरीदें। अवैध शराब बिक्री की सूचना क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक को दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम विभाग गोपनीय रखता है।