-नगर निगम को मिलेगा लाभ, चार जोन में सर्वे शुरू
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स से वंचित भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। सैटेलाइट सर्वे से नगर निगम को काफी फायदा मिलेगा। ऐसे में हाउस टैक्स की चोरी को पकडऩा भी आसान होगा। इससे हाउस टैक्स में भवनों का कवर्ड एरिया छुपाकर कर राशि में होने वाला खेल भी उजागर हो सकेगा। नगर निगम द्वारा वसुंधरा जोन के बाद मोहन नगर, विजय नगर, कविनगर और सिटी जोन में भवनों का जियोग्राफिकल इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) सर्वे कराया जा रहा है। पांचों जोन का सर्वे पूरा होने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट में भवनों पर मौजूदा टैक्स का आंकलन भी किया जाएगा। इसके जरिए टैक्स में चोरी पकड़ में आएगी। नगर निगम सीमा क्षेत्र में शहर में 3.60 लाख भवन हाउस टैक्स के दायरे में हैं। इनमें से अधिकांश भवनों पर कई साल पहले टैक्स का निर्धारण किया गया था। इनमें 2 मंजिला या इससे ज्यादा निर्माण हो चुका है। भवनों का कवर्ड एरिया कई गुना तक बढ़ गया है, मगर हाउस टैक्स अपडेट नहीं हो सका है। नगर निगम ने भवनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उन पर टैक्स लगाने के लिए जीआईएस सर्वे शुरू कराया है। वसुंधरा जोन में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। यहां करीब 9 हजार 785 नए भवन टैक्स के दायरे में आए हैं। नगर निगम के अब कविनगर,मोहननगर,विजयनगर और सिटी जोन में जीआईएस सर्वे कराया जा रहा हैं। यह सर्वे जुलाई तक पूरा हो जाएगा। साठगांठ कर हाउस टैक्स को कम करने का खेल रिहाइशी भवनों में कम और उद्योगों,होटल,मॉल्स,स्कूलों-कॉलेजों में ज्यादा होता है। इन प्रतिष्ठानों का कवर्ड एरिया ज्यादा होता है। ऐसे में मिलीभगत से इन संस्थानों का टैक्स कम कर दिया जाता है। बचत की रकम को बांट लिया जाता है।पूर्व में हाउस टैक्स में खेल को लेकर खुद महापौर आशा शर्मा के सामने कई मामले आए। वहीं, पार्षद राजेंद्र त्यागी, राजीव शर्मा,मनोज चौधरी,पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी ने टैक्स में खेल को उजागर कर चुके हैं। महापौर ने विजयनगर क्षेत्र में बड़े प्रतिष्ठानों पर हाउस टैक्स की रकम कम किए जाने के दस्तावेजों के साथ यह मामला पूर्व में सदन की बैठक में उठाया था। नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने यह मामला उठाया था। इस मामले में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि नगर निगम के सभी 5 जोन अंतर्गत भवनों का जीआईएस सर्वे कराया जा रहा है। वसुंधरा जोन में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। सिटी जोन में भी जल्द पूरा हो जाएगा। बाकी चार जोन में जुलाई तक यह सर्वे पूरा हो जाएगा। अगर किसी ने टैक्स निर्धारण के बाद भवन का कवर्ड एरिया बढ़ा लिया है तो सैटेलाइट इमेज और फिजिकल सर्वे में पता चल जाएगा। ऐसे भवनों का टैक्स बढ़ाया जाएगा। इससे नगर नगम की आय बढ़ेगी।
















