कोरोना संक्रमण को देखकर यीडा का निर्णय
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की आवासीय और औद्योगिक भूखंड योजना का ड्रॉ के लिए अब लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न भयावह स्थिति को देखकर यीडा ने ड्रॉ प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। यानी अब ड्रॉ कब होगा, यह तय नहीं है। हालात सामान्य होने पर ड्रॉ की तिथि घोषित की जा सकती है। ग्रेटर नोएडा शहर के पास आवासीय एवं औद्योगिक भूखंड के आवंटन की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखकर यह निर्णय लेना जरूरी माना है। 5 मई को प्रस्तावित आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ भी टल गया है। माना जा रहा है कि यमुना प्राधिकरण ने यदि ड्रॉ निकाल दिया तो आवेदकों की भीड़ के कारण कोरोना वायरस फैलने का भी खतरा है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराना संभव नहीं होगा। हालात में सुधार होने पर ड्रॉ की नई तिथियों का ऐलान किया जाएगा। बता दें कि यमुना विकास प्राधिकरण ने फरवरी में औद्योगिक भूखंड की योजना लॉन्च थी। योजना में 367 भूखंडों के सापेक्ष 4450 आवेदन आए थे। प्राधिकरण ने आवेदकों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर आवेदन की खामियों को दूर करने का 20 अप्रैल तक मौका दिया था। योजना का ड्रॉ पहले 15 अप्रैल को प्रस्तावित था। बाद में इसे बढ़ाकर 26 अप्रैल कर दिया गया, मगर प्राधिकरण ने अब इसे अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया है। उधर, प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात में योजना का ड्रॉ संपन्न कराना आवेदकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से कतई ठीक नहीं है। उधर, 5 मई को प्रस्तावित आवासीय भूखंड योजना का ड्रॉ भी अब नहीं होगा। इसमें 440 भूखंडों के सापेक्ष तकरीबन 22 हजार आवेदन मिले हैं।















