गाजियाबाद। विद्युत अभियन्ता एवं कर्मचारियों के बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित होने व तमाम साथियों के बिछड़ जाने से आहत व चिन्तित विद्युत अभियन्ताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपील करते हुए मांग की है कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध ऊर्जा निगमों के विद्युत अभियन्ताओं एवं कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी तत्काल प्रदान की जाये। विद्युत अभियन्ताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा वर्तमान कोरोना संकट से निपटने में जनकल्याण के लिए किये जा रहे राहतकारी प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री को साधुवाद प्रकट किया गया।
विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह एवं महासचिव प्रभात सिंह ने बताया कि रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ की कार्यकारिणी की सम्पन्न बैठक में विद्युत अभियन्ताओं, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित होने एवं कई साथियों के निधन पर चिन्ता व्यक्त की गई और इससे उत्पन्न परिस्थिति पर चर्चा हुई। विद्युत विभाग जन सुविधा एवं आवश्यक सेवाओं के अन्तर्गत आने वाला विभाग है तथा विभाग के कार्मिकों द्वारा कोरोना काल की संकटपूर्ण परिस्थिति में प्रदेश की जनता को विद्युत की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित कराने के सफल प्रयासों एवं तत्परता में विभाग के कार्मिकों का जन सामान्य से लगातार सम्पर्क में आने के कारण संक्रमित होने का क्रम जारी है। ऊर्जा निगमों में विद्युत अभियन्ताओं, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के सैकड़ों की संख्या में संक्रमित होने एवं तमाम साथियों के बिछड़ जाने के बाद भी ऊर्जा सेक्टर के अभियंताओं एवं कर्मचारियों द्वारा पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करने एवं किसी भी विद्युत व्यवधान को पूरी तत्परता के साथ तत्काल दूर कर विद्युत आपूर्ति सामान्य करने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में अनुरोध किया गया कि ऊर्जा सेक्टर में कार्यरत अभियन्ताओं एवं कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के विद्युत अभियन्ता फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री से लगातार ट्वीट के माध्यम से मार्मिक अपील कर रहे हैं।
















