गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण को लेकर देश में चल रहे लॉकडाउन के दौरान बाजारों में दुकानें बंद रही तथा इस कारण दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह से चौपट रहा। अब बिजली निगम द्वारा दुकानदारों के पास बिल भेजने शुरू कर दिए हैं। जिसके बाद पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे दुकानदार बिल भरने को लेकर चितित नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को राष्टï्रीय व्यापार मंडल ने कोरोना के दौर में लगे लॉकडाउन में बंद दुकानों के बिजली बिल भेजे जाने का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। मंडल के अध्यक्ष बालकिशन गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी से पूरा जनजीवन प्राावित है। सिर्फ आमजन ही नहीं व्यापारी वर्ग भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। दो महीने से दुकानें बंद पड़ी हैं। ऐसे में बंद दुकानों के बिजली बिल भेजना कहां तक उचित है। व्यापारियों ने कहा कि दुकान बंद होने से पहले ही दिकते हैं, उस पर बिजली के बिल भेजकर संकट बढ़ाया जा रहा है। मंडल ने ज्ञापन में बिजली बिल में राहत देने की मांग की है। जब उनकी दुकानें बंद हैं और विद्युत खपत नहीं कर रहे तो उनसे बिल नहीं लिया जाना चाहिए। प्रदीप चौधरी ने कहा सरकार को चाहिए कि जिस तरह मीटर रेंट उसने एक अप्रैल से लेना बंद कर दिया है, उसी तरह मार्च और अप्रैल महीने के साथ ही यदि आगे भी लॉक डाउन रहता है तो उस महीने का भी फिक्स चार्ज विभाग दुकानदारों से ना वसूली करे। इस दौरान संजय गौतम, डॉ.सोनी शर्मा, पंडित अशोक भारतीय, कमलेश शर्मा, वीरेंद्र कंडेरे, विकास व नेहा सिंह आदि मौजूद रहे।
















