दवा बनाने की अवैध फैक्ट्री का खुलासा

मशीन, 25 लाख की दवाएं व रैपर बरामद

ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर के इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में दवा निर्माता अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। बगैर लाइसेंसी के इस फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। सरकारी टीम ने मंगलवार को वहां छापा मारा। मौके से दवा बनाने में प्रयुक्त मशीन, 20-25 लाख रुपए की दवा, रैपर व कार्टन आदि सामान बरामद किया गया है। पुलिस में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मेरठ मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान गाजियाबाद, बुलंदशहर व नोएडा के औषधि आयुक्त वैभव बब्बर व इकोटेक-3 पुलिस भी साथ रही। पुलिस के मुताबिक इकोटेक के पी-241 में बंद फैक्ट्री में छापा मारा गया। तदुपरांत औषधि विभाग को वहां 8 प्रकार की एंटीबायोटिक दवाएं मिलीं। इनकी कीमत कई लाख रुपए आंकी गई है। दवा बनाने के साथ इस्तेमाल मशीन भी मौके से मिली है। दवाओं पर हिमाचल की मैक्स कंपनी का लेबल लगाकर होलसेल लगा मिला। दवा फैक्ट्री कब से संचालित थी, इसकी जांच हो रही है। औषधि विभाग का कहना है कि फैक्ट्री में दवाओं को बनाने के साथ नकली दवा पर रेपर लगाने का भी काम होता था। दवा तैयार होने के बाद देश के अलग-अलग बाजारों में सप्लाई की जाती थी। सभी दवाएं एंटीबायोटिक हंै। जो दवाएं मिली हैं, उनका उपयोग कोरोना संक्रमित के इलाज में भी किया जाता होगा। अजिथ्रोमाइसिन, फेविपिराविर, हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन, एसफुरेक्स सीवी, फरोपिनम, फेवीमैक्स आदि दवाएं बरामद की गई हंै। नोएडा के औषधि निरीक्षक वैभव बब्बर ने बताया कि फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान मिली सभी दवाओं के सैंपल को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। फैक्ट्री में कोई भी कर्मचारी काम करता नहीं मिला। जांच में औषधि बनाने हेतु जरूरी मौके से कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। दवा फैक्ट्री के तार हाल ही में मुंबई पुलिस द्वारा मेरठ के खरखौदा में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ी गई नकली दवा फैक्ट्री से जुड़े मिले है।