-यशोदा कौंशाबी में आयोजित रक्तदान शिविर में लोगों ने किया 30 यूनिट ब्लड डोनेट
गाजियाबाद। आपके खून से किसी का जीवन बच सकता है। लोग जागरूकता की कमी के कारण रक्तदान नहीं करते हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। लोग जागरूकता की कमी के कारण रक्तदान नहीं करते हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
यह बातें सोमवार को विश्व रक्तदान दिवस पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में आयोजित शिविर में लोगों को जागरूक करते हुए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुज अग्रवाल ने कहीं। उन्होने बताया कि इस वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंप सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे समाप्त हुआ। शिविर में स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने 30 यूनिट ब्लड डोनेट किया।
साहिबाबाद के झंडापुर निवासी विशु कुमार (29) ने 23वीं बार रक्तदान किया था। विशु कुमार ने बताया कि वह 20 साल की उम्र से ही रक्तदान कर रहे है और ऐसा उन्होंने इसलिए किया क्योंकि जब सात आठ साल के थे तब उनकी मम्मी का ऑपरेशन होना था और उसमें 7 से 8 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी जिसे उनके पड़ोसियों उनके मित्रों और अस्पताल वालों ने एवं उनके पिता ने देकर पूरा किया था।
उसके बाद से ही मन में रक्तदान करने का संकल्प ले लिया। एक इंसान दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर आपका खून किसी की जिंदगी को बचा सकता है तो उसे देने में क्या हर्ज है।
कैलाश पप्नोई ने इस कैंप का संचालन करते हुए बताया दाताओं में विशाल शर्मा, साहिल आहूजा, अनिकेत, दीपक नेगी सचिन कुमार ,सानू ,कैलाश पपनोई ,अरुण, अंजनी कुमार मीनाजुल कमर, विजय सिंह रावत एवं अन्य लोगों ने रक्तदान किया है। रक्तदान महादान है, एक इंसान के रक्त से दूसरे को नई जिंदगी मिलती है। एक या दो बार नहीं, बल्कि किसी ने 30 बार तो किसी ने 20 बार रक्तदान किया है। लेकिन आज भी कुछ लोगों में रक्तदान को लेकर भ्रांतियां हैं। लोग खून देने से हिचकते हैं। मगर उसी समाज में ऐेसे भी लोग हैं, जो नि:स्वार्थ रक्तदान करते हैं।
















