ऑनलाइन शिक्षा के साथ अपने कलात्मक कौशल को निखार रहे छात्र: पूनम शर्मा

श्री ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय में फैशन स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन

गाजियाबाद। आज तेजी से बदलती दुनिया में प्रासंगिक रहने के लिए स्किल शिक्षा पाठ्यक्रम का मूल मंत्र है। आज कोरोना के मौजूदा हालातों में छात्र ऑनलाइन शिक्षा के साथ-साथ अपने कलात्मक कौशल को और भी निखार रहे हैं। क्योंकि 21वीं सदी के युवाओं में कुछ नया सीखने की ललक व उत्साह है। इसका बखूबी प्रदर्शन श्री ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय में देखने को मिला जहां फैशन के क्षेत्र में विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे टैक्सटाइल डिजाइन प्रिंटिंग, फेस पेंटिंग, ज्वैलरी डिजाइन का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय के मैनेजर अजय गोयल व प्रधानाचार्या पूनम शर्मा ने छात्राओं के उत्तम कौशल प्रदर्शन प्रस्तुतीकरण व कठिन मेहनत की भरपूर प्रशंसा की और छात्राओं का उत्साहवर्धन करने के लिए प्रथम पुरस्कार विजेता को दो हजार, द्वितीय को 1500, तृतीय को 1 हजार एवं सांत्वना विजेता को एक हजार रूपए से पुरस्कृत करते हुए उज्वल भविष्य की शुभकामना दी। प्रधानाचार्य पूनम शर्मा ने कहा व्यक्ति एवं चरित्र निर्माण, समाज कल्याण और ज्ञान का उत्तरोत्तर विकास। ऑनलाइन शिक्षा इन लक्ष्यों की र्पूित कहां तक करती है, इसकी परख जरूरी है। परंपरागत यानी आमने-सामने के कक्षीय पठन-पाठन में विद्र्यािथयों के सामने सिर्फ ज्ञान नहीं उड़ेला जाता है, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से चरित्र निर्माण की प्रक्रिया भी सतत चलती रहती है। कक्षीय परिवेश में सह-अस्तित्व एवं सहयोग, व्यापक साझेदारी, सामूहिकता एवं वैचारिक सहिष्णुता का भाव छात्रों में विकसित होता है। प्रतियोगिता को चार भागों में 9वीं, दसवीं ,11वीं व 12वीं तक की कक्षाओं के लिए रखा गया। प्रतियोगिता का संचालन एक्टिविटी इंचार्ज रचना वाष्र्णेय व फैशन शिक्षिका भारती रेखी द्वारा किया गया। प्रथम पुरस्कार विजेता सना, इशिता अग्रवाल , तृप्ति पूरी, धैर्या वाष्र्णेय, द्वितीय पुरस्कार विजेता इशिता दास, वेदिका त्यागी, अनामिका, प्रांशी त्यागी, तृतीय पुरस्कार विजेता मदीना, विधि गोयल, रिचा उत्पल, अनवेषा गर्ग, आरोही शर्मा ,सांत्वना विजेता सिमोन, देविका, तान्या, शिवानी गुप्ता, अंशिका चोपड़ा, पलक सिंह, अरीबा नाज, अंचल त्रिपाठी कोहिना रही।