मिलावटी खाद्य पदार्थ और नकली दवा विक्रेताओं पर डीएम ने कसा शिकंजा

-खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर सैंपलिंग के कार्य की कार्रवाई करने के निर्देश

गाजियाबाद। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवा बेचने वालों पर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवा बेचने एवं स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मंगलवार को डीएम ने बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहां की खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन के स्वास्थ्य समस्याओं पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित किए गए अधिनियमों का पालन सुनिश्चित कर जनपद में निरंतर स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जनपद में सभी जनमानस को शुद्ध खाद्य सामग्री एवं मानकों के अनुरूप दवाइयां उपलब्ध हो सके। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर सैंपलिंग के कार्य की कार्रवाई निरंतर स्तर पर की जाए। सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा गाजियाबाद जैसे विशेष स्थान पर जहां पर विभिन्न खाद्य पदार्थों से संबंधित इकाइयां संचालित हैं नियमित स्तर पर सैंपलिंग का कार्य सुनिश्चित किया जाए ताकि मानकों के अनुरूप जनमानस को खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार उन्होंने औषधि निरीक्षक को निर्देश देते हुए कहा कि निरंतर स्तर पर दवाइयों की सेंपलिंग का कार्य सुनिश्चित कराया जाए ताकि सभी नागरिकों को मानकों के अनुरूप दवाइयां उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि सुधार के लिए अधिक से अधिक नोटिस जारी कराई जाए। उन्होंने कहा कि मिठाई की दुकान, किराना व्यापारी, नमकीन व्यापारी, डेयरी व्यापारी, फुटकर दूध विक्रेता आदि का लगातार निरीक्षण करें। मिलावट रोकने के लिए छापामार अभियान चलाया जाए तथा खाद्य कारोबार कर्ता को अधिक से अधिक सुधार सूचना नोटिस जारी करें जिससे उनके प्रतिष्ठान में गुणात्मक सुधार हो सके। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर शैलेंद्र कुमार सिंह, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।