Home देश भारतीय नौसेना में महिला शक्ति का बोल-बाला
ऐतिहासिक दिन, 2 अफसरों की युद्धपोत पर तैनाती
उदय भूमि ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना में महिला शक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल रही हैं। इसी क्रम में पहली बार 2 महिला अफसरों को हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में ऑब्जर्वर (एयरबोर्न टैक्टिशियंस) के पद पर नियुक्त करने को चुना गया है। यह कदम लैंगिक समानता की तरफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह दोनों पहली महिला अधिकारी होंगी, जिन्हें युद्धपोतों से संचालित होने वाली महिला हवाई लड़ाकू विमानों में तैनाती मिलेगी। इसके पहले महिलाओं के प्रवेश को निर्धारित विंग विमान तक सीमित रखा गया था। महिला अधिकारी सब लेफ्टिनेंट (एसएलटी) कुमुदिनी त्यागी और एसएलटी रीति सिंह इस जिम्मेदारी को पाकर बेहद खुश हैं। वह भारतीय नौसेना के 17 अधिकारियों के समूह का हिस्सा हैं, जिन्हें आईएनएस गरुड़ कोच्चि में सोमवार को आयोजित समारोह में ऑब्जर्वर के रूप में स्नातक होने पर विंग्स से सम्मानित किया गया। समारोह में एडमिरल एंटनी जॉर्ज ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है, जिसमें पहली बार महिलाओं को हेलिकॉप्टर संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये अधिकारी भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमानों की सेवा करेंगे। सनद रहे कि इसके पहले वर्ष-2016 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट भवानी कंठ, फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं। भारतीय वायुसेना में फिलहाल 10 फाइटर पायलट समेत 1 हजार 875 महिलाएं सेवा में हैं। 18 महिला अधिकारी नेविगेटर हैं, जिन्हें लड़ाकू बेड़े में भी तैनाती मिली हैं। उधर, महिला अधिकारी कुमुदिनी त्यागी और रीति सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर खूब बधाई मिल रही हैं।