सड़कों से स्टेडियम तक, हर परियोजना में गुणवत्ता सुनिश्चित करें अधिकारी: पी. गुरुप्रसाद

-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर एयरो सिटी तक, प्रमुख सचिव ने लिया विकास कार्यों का जायजा
-सीएम ग्रिड योजना की सड़कों और जल निकासी व्यवस्था का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
-शहर की आधारभूत संरचना को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने सोमवार को गाजियाबाद में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का व्यापक निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हो, सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही सड़कें हों या फिर अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं, सभी कार्य निर्धारित मानकों और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाने चाहिए। अपने दौरे के दौरान प्रमुख सचिव ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह सिंह मलिक, जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण का उद्देश्य विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा करना था।

प्रमुख सचिव ने राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के मोरटी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण संबंधी तैयारियों और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यह परियोजना केवल खेल गतिविधियों का केंद्र न बने, बल्कि गाजियाबाद की पहचान के रूप में विकसित हो। उन्होंने निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके बाद उन्होंने एयरो सिटी और हरनंदीपुरम जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी जायजा लिया। इन परियोजनाओं को क्षेत्रीय विकास और निवेश के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

दौरे की शुरुआत नगर निगम मुख्यालय स्थित एकीकृत यातायात प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली नियंत्रण कक्ष के निरीक्षण से हुई। यहां उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहर की यातायात व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। मोहननगर जोन क्षेत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रिड सड़क योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग और जल निकासी व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मजबूत और प्रभावी जल निकासी तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

करहेड़ा स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सीवेज प्रबंधन व्यवस्था का प्रभावी संचालन बेहद आवश्यक है। इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने शहर के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भी भ्रमण किया और विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया। देर शाम तक चले निरीक्षण अभियान में उन्होंने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा जनता को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव का यह दौरा गाजियाबाद में चल रही विकास परियोजनाओं को नई गति देने वाला माना जा रहा है। उनके निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार शहर को आधुनिक और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।