-8 साल बाद माफिया लक्ष्य समेत तीन गिरफ्तार, पूर्व कोतवाल से भी की थी लाखों की ठगी
गाजियाबाद। बैंकों के प्रबंधकों से मिलीभगत कर लोगों की प्रॉपर्टी पर लोन कराकर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा बैंकों से लोन लेकर हड़पने वाले माफिया लक्ष्य तंवर को घंटाघर कोतवाली पुलिस ने 8 साल बाद दो साथी समेत गिरफ्तार किया है। लक्ष्य तंवर गुर्जर ने कोतवाली के पूर्व प्रभारी लल्लू सिंह मौर्य की प्रॉपर्टी पर भी 17 लाख रुपए का लोन लेकर उनके साथ ठगी की थी। शहर में सैकड़ों लोगों को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाला मााफिया वर्ष-2013 से ठगी कर रहा था।
सीओ फस्र्ट महिपाल सिंह ने बैंकों से लोन लेकर हड़पने वाले माफिया लक्ष्य तंवर का पर्दाफाश किया। सीओ ने बताया कि कोलवाली प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार काकरान ने दारोगा दिनेश पाल सिंह, जोगेंद्र कुमार टीम के साथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना लक्ष्य तंवर पुत्र अशोक कुमार निवासी केसी ई-8 कविनगर है। इसके साथी सुनील कुमार पुत्र बाबू लाल निवासी तुराबनगर एवं इसका बेटा शिवम पुत्र सुनील कुमार निवासी-59 तुराबनगर को गिरफ्तार किया गया। लक्ष्य तंवर के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी, दहेज एक्ट, सीबीआई आदि के कविनगर, कोतवाली, सिहानीगेट, कानपुर, मसूरी, नंदग्राम, सीबीआई गाजियाबाद, मेरठ, इंदिरापुरम थाने में संगीन धाराओं में 22 मुकदमे दर्ज है।
पुलिस इसकी पिछले कई साल से गिरफ्तारी को लेकर प्रयास कर रही थी। मगर कोर्ट से स्टे लेकर पुलिस को चकमा देता आ रहा था। उन्होंने बताया शातिर अपराधी लक्ष्य तंवर ने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का विभिन्न बैंकों को चुना लगाया है। मुकदमों के आधार पर इस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्य गुर्जर ने पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर उत्कर्ष कुमार व डिप्टी मैनेजर प्रियदर्शनी समेत अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर अपने भतीजे शिवम पुत्र सुनील कुमार के नाम पर फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी नाम कराई। उन्हीं प्रॉपर्टी पर बैंक प्रबंधकों से मिलीभगत कर बैंक में प्रॉपर्टी के कागज बंधक रखकर करीब 4 करोड़ रुपए का लोन कराकर आपस में बांट ली थी। बैंक ने सुनील, शिवम को नोटिस जारी करने के बाद खुद दोनों ने मुकदमा दर्ज करा दिया। विवेचना में शिवम व इसका पिता साजिश में शामिल पाए गए।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार काकरान ने बताया लक्ष्य तंवर साल-2013 से बैंकों की मिलीभगत से अब तक लोगों की प्रॉपर्टी को बंधक रखकर प्रॉपर्टी की कीमत से कई गुना ज्यादा पर लोन कराकर विभिन्न बैंकों को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर तीनों को जेल भेज दिया। वहीं, कोर्ट में वकील भी भारी संख्या में इसकी पैरवी में आ गए थे।लोन माफिया के नाम से प्रसिद्व रामनगर निवासी लक्ष्य तंवर को कम कीमत की प्रॉपर्टी पर 2 करोड़ रुपए का बैंक से लोन लेने और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने वाला वादी भी इसमें लिप्त है। पुलिस इसकी भी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
नगर कोतवाली पुलिस लक्ष्य तंवर से पूछताछ कर रही थी। कविनगर वाले मामले में तो उस पर स्टे निकला, लेकिन दूसरे मामले में कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी पर करीब तीन दर्जन से अधिक धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी ने ठगी से मोटा धन कमा रखा है। पुलिस शिकंजे से बचने और कानूनी लपेट में आने से पहले ही वह लेन-देन की सेटिंग कर लिया करता था। बताया गया है कि अरबों रुपए का फ्रॉड करने वाला आरोपी कभी कपड़ों पर प्रेस किया करता था। वर्तमान में उसकी कई कोठी और मोटा बैंक बैलेंस बताया जा रहा है।















