-तंबाकू और पान मसाला के दुकानों पर छापेमारी शुरू
गाजियाबाद। युवाओं को तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रखने और युवा पीढी को स्वस्थ एवं उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। प्रदेश में काफी बच्चे प्रतिदिन तंबाकू उत्पादों के सेवन की शुरुआत करते है। जो कि बेहद चिंतनीय हैं। सार्वजनिक स्थानों धूम्रपान करना और 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर संयुक्त टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ.राकेश यादव,यूपी राज्य कोर्डिनेटर वीएचआई सुरजीत सिंह,जिले के सलाहकार डॉ.आशुतोष गौतम और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 का उल्लंघन करने वालों पर छापेमारी करते हुए जुर्माना वसूला। मौके पर एक्ट का उल्लंंघन करने वाले दुकानदारों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों को भी चेतावनी दी गई।
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.राकेश गुप्ता ने बताया सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों और तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 एवं 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ कोटपा की धारा-6 के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कोविड-19 के नोडल डॉ0 राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम- 2003 के अंतर्गत तंबाकू विक्रेताओं, खुले में सिगरेट पीने वालों पर, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचने एवं कोटपा की धारा-06 के अंतर्गत बोर्ड न लगाने वालों पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। कोटपा की धारा 6 का उद्देश्य नाबालिग व्यक्ति को तम्बाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों से बचाना है। उन्होंने बताया कि तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की धारा-04 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है, धारा-05 के अनुसार तंबाकू उत्पाद सिगरेट आदि के विज्ञापन पर प्रतिबंध है एवं धारा-06 के अंतर्गत 18 साल से कम उम्र के लोगों को तंबाकू उत्पाद बिक्री पर प्रतिबंध है। इस मौके पर स्टेट कोऑर्डिनेटर यूपीवीएचआई सुरजीत सिंह, जनपद सलाहकार डॉ0 आशुतोष गौतम आदि अधिकारी उपस्थित रहे।














