मंजूरी : देश में लागू होगा नया श्रम विधेयक

-संसद के दोनों सदनों से बिल को स्वीकृति

उदय भूमि ब्यूरो
नई दिल्ली। लोकसभा के बाद राज्यसभा से नए श्रम विधेयक को हरी झंडी मिल गई है। राज्यसभा में बुधवार को यह विधेयक पास कर दिया गया। इससे देश के संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सुविधाएं मिल सकेंगी। सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। श्रमिकों के वेतन का डिजिटल भुगतान करना होगा। साल में एक बार सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच भी करानी होगी। उद्यमियों को राहत देने के लिए भी कुछ प्रावधान किए गए हैं। लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा में नए श्रम विधेयक को प्रस्तुत किया गया था। जहां चर्चा के उपरांत विधेयक को स्वीकृति दे दी गई। केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बताया कि वर्तमान कानून में दुर्घटना होने की स्थिति में पूरी जुर्माना राशि सरकार के खाते में जाने का प्रावधान था, मगर नए कानून में इस राशि का 50 प्रतिशत पीडि़त को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रम कानून में संशोधन से नियोक्ता और श्रमिक दोनों को लाभ मिलेगा। इसके पहले श्रम मंत्री गंगवार ने कहा था कि सरकार प्रवासी मजदूरों के प्रति बेहद संवेदनशील है। प्रवासी मजदूरों का डेटा बैंक तैयार करने का प्रावधान किया जा रहा है। इन मजदूरों को उनके मूल निवास स्थान पर जाने हेतु नियोक्ता द्वारा साल में एक बार यात्रा भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा कंपनियों में छंटनी के नियम भी बदले गए हैं। जिन कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या 300 से कम है, वह सरकार से मंजूरी लिए बिना छंटनी कर सकेंगी। इसके पहले यह प्रावधान सिर्फ उन कंपनियों के लिए था, जिसमें 100 से कम कर्मचारी कार्यरत हों। इसी प्रकार छंटनी या शटडाउन की अनुमति उन्हीं संस्थानों को दी जाएगी, जिनके कर्मचारियों की संख्या पिछले 12 माह में प्रतिदिन औसतन 300 से कम रही है। महिलाओं के लिए वर्किंग आवर प्रात: 6 से शाम 7 बजे के बीच रहेगा। शाम 7 बजे के बाद यदि काम कराया जाएगा तो सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी को लेनी होगी।