नगर निगम की जमीनों से बढ़ेगी आय, राजनगर एक्सटेंशन में बनेंगे व्यावसायिक केंद्र

-महापौर सुनीता दयाल ने अधिकारियों संग नगर निगम भूमि का किया निरीक्षण
-बिल्डर द्वारा छोड़ी गई जमीन पर दुकानों व कॉम्प्लेक्स निर्माण की तैयारी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की आय बढ़ाने तथा निगम की संपत्तियों को सुरक्षित और उपयोगी बनाने की दिशा में महापौर सुनीता दयाल ने गुरुवार को राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में नगर निगम की विभिन्न भूमियों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, मुख्य अभियंता एन.के. चौधरी, संपत्ति अधीक्षक रामशंकर वर्मा तथा लेखपाल सुरेन्द्र कौशिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर ने राजनगर एक्सटेंशन में लगभग 10 से 12 स्थानों पर स्थित उन भूमियों का निरीक्षण किया जिन्हें पूर्व में बिल्डरों द्वारा नगर निगम को हस्तांतरित किया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि इन क्षेत्रों के आसपास तेजी से व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में यदि नगर निगम इन भूमि खंडों का योजनाबद्ध व्यावसायिक उपयोग करता है तो न केवल भूमि सुरक्षित रहेगी बल्कि नगर निगम की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।

महापौर सुनीता दयाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित भूमि का विस्तृत अध्ययन करते हुए व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर दुकानों, छोटे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा जनसुविधा केंद्र विकसित किए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और नगर निगम को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम लगातार अपनी संपत्तियों को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने और उन्हें जनहित में उपयोग करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में कैला भट्टा क्षेत्र में दुकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा राजनगर एक्सटेंशन में भी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसे शीघ्र ही जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान विभिन्न भूमि खंडों पर संभावित परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य अभियंता को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक भूमि के उपयोग की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र महापौर को प्रस्तुत की जाए। महापौर ने कहा कि राजनगर एक्सटेंशन नगर निगम के प्रमुख विकसित क्षेत्रों में शामिल है और यहां स्थित निगम भूमि से भविष्य में अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे, जिससे शहर के विकास कार्यों को और गति मिल सके।