-पावर कारपोरेशन प्रबंधन के दमनकारी रवैय्ये के विरोध में 14 जनपदों में विरोध सभा जारी
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के दमनकारी हठवादी रवैय्ये के विरोध में चल रहे आन्दोलन के क्रम में शुक्रवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक द्वारा बुलाई गई विभिन्न खण्डों के साप्ताहिक समीक्षा बैठक का अभियंताओं ने बहिष्कार किया। पावर कारपोरेशन प्रबन्धन की उत्पीडऩात्मक कार्यवाही के चलते पश्चिमांचल विद्युत निगम के अभियंताओंं ने विरोध सभा में भारी रोष प्रकट किया। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह ने बताया गत दिनों उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 23 जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को बिना कारण बताए सुदूर पूर्वांचल और कुछ अन्य वितरण निगम मे स्थानांतरित कर दिया। अगर अस्थाई बिजली संयोजन देने में यदि कोई लापरवाही बरती गई है तो उसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए और अनियमितता के दोषियों पर तदनुसार कार्यवाही की जाए।
महासचिव प्रभात सिंह ने बताया कि बिना जांच पूरी हुए बड़े पैमाने पर अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों को सुदूर स्थानांतरित करना, दमनकारी निति का प्रयोग करना है। अधिकांश जूनियर इंजीनियर व अभियंता पहले ही ग्रेटर नोएडा व नोएडा से स्थानांतरित होकर पश्चिमांचल में अन्य स्थानों पर तैनात किये जा चुके हैं। ऐसे में इन सभी का बड़े पैमाने पर पुन: स्थानांतरण किया जाना उनका उत्पीडऩ के अलावा और कुछ नहीं है। पश्चिमांचल डिस्कॉम के विभिन्न जनपदों में हुई विरोध सभा में अभियंता पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर पश्चिमांचल में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के फलस्वरूप किसी भी अभियन्ता का उत्पीडऩ किया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली अभियंता मूकदर्शक नहीं रहेंगे और सीधी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा से निवेदन करते हुए कहा कि वह तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें, जिससे पावर कारपोरेशन के प्रबंधन के अलोकतांत्रिक तानाशाही, हठवादी रवैये पर अंकुश लग सके।
















