-पौने 4 लाख के लालच दिया हत्याकांड की वारदात को अंजाम, घटना के बाद 15 हजार चोरी कर हो गया था फरार। 12 दिन पहले फर्नीचर कारोबारी और उसके बेटे की गला रेतकर हत्या करने वाले नौकर ने ही दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने नौकर का गिरफ्तार कर लिया।
गाजियाबाद। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत 12 दिन पहले फर्नीचर कारोबारी और उसके बेटे की गला रेतकर हत्या करने वाले नौकर ने ही दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने नौकर का गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को ट्रॉनिका सिटी थाने में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने सीओ अतुल कुमार सोनकर की मौजूदगी में हत्याकांड का पर्दाफाश किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू, लूट के 12 हजार रुपए, मोबाइल बरामद किया है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि ट्रॉनिका सिटी में पिछले दिनों फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन और उसके बेटे की हत्या उनके ही नौकर ने की थी। नौकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मालिक को लूटने के इरादे से उनकी और उनके मासूम बेटे की हत्या की थी। ट्रॉनिका सिटी की कासिम विहार कॉलोनी में 16 सितंबर के दिन तड़के चाकू से गोदकर फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन (34) और उनके बेटे उवैस (8) की हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बर्बरता दिखाते हुए पिता-पुत्र का गला रेतकर उनके चेहरे भी पंखे के मोटर से कुचल दिए थे। सुबह नईमुल का भतीजा जब किसी काम से उनके घर गया तो हत्याकांड का पता चला था।
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गिरफ्तार नौकर ने पुलिस को शुरुआती पूछताछ में बताया कि उसे लगा था कि घर में 5 लाख रुपए रखे हैं। रुपए लूटने के इरादे से मालिक और उनके बेटे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। हालांकि मौके पर उसे सिर्फ 12 हजार रुपए मिले है। मूलरूप से संभल के गांव थाना धनारी निवासी नईमुल करीब सात साल से कासिम विहार कॉलोनी में पत्नी साइमा और चार बच्चों के साथ रह रहे थे। नईमुल हसन पड़ोस में रहने वाले दो भाइयों ममनून और जंजरहसन के साथ रामपार्क कॉलोनी में फर्नीचर का काम करते थे। उनकी पत्नी छह दिन पहले तीन बच्चों को लेकर रिश्तेदारी में बिहार गई थीं जबकि नईमुल बेटे उवैस के साथ घर पर रुक गए थे। मृतक के भाई ममनून ने बताया कि उनका बेटा अरबाज 16 सितंबर की सुबह जब हेलमेट लेने नईमुल के घर गया तो मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाकर देखा तो उसने पिता-पुत्र के लहूलुहान शव पड़े थे। उसने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी आ गए। घर के दरवाजे सही सलामत थे, इसलिए पुलिस को पहले से ही शक था कि हत्याकांड में कोई करीबी ही है, जिसके लिए अंदर से दरवाजे खोले गए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की थीं। पकड़े गये आरोपित ने कर्जा होने के चलते मृतक के घर में रखें पौने 4 लाख रूपए के लालच में पिता-पुत्र की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
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एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि थाना प्रभारी रविन्द्र चन्द्र पंत, निरीक्षक शेलेन्द्र मुरारी दीक्षित, दारोगा सुशील कुमार, अनिल कुमार, अरूण कुमार मिश्रा (क्राइम ब्रांच) की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार सुबह कासिम विहार कट के पास से मेराज पुत्र चांद कमर निवासी ग्राम मिर्जापुर सोहरा बदायुं हाल पता रामपार्क लकड़ी मार्किट ट्रॉनिका सिटी को गिरफ्तार किया गया। आरोपित मृतक का नौकर है। लाखों रूपए का कर्जा हो गया था। जिस कारण आरोपित ने पहले मृतक नईम के घर चोरी की योजना बनाई।
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16 सितंबर की रात करीब 9: 30 बजे गोदाम से करदमपुरी दिल्ली जाने के बाद मृतक नईम के घर पहुंच गया। जहां अंदर कमरे में मृतक का बेटा सो रहा था। कुछ देर टीवी देखने के बाद सो गये थे। रात करीब 3 बजे नईमुल टॉयलेट के लिए चला गया। जिसके बाद मौका पाकर आरोपित ऊपर जाकर पंचा और चाकू लेकर अपनी चारपाई पर लेट गया। उसके कुछ देर बाद नईमुल भी टॉयलेट से वापस आकर सो गया। जिसके बाद मौका पाकर पंखे से नईमुल हसन पर वार कर चाकू से उसका गला काट दिया। तभी उसका बेटा उवैश भी जाग गया। उसके बाद उवेश का मुंह पकड़कर उसका भी गला काटकर पेट में चाकू से हमला कर दिया। जहां दोनों की मौत होने के बाद घबराकर घर में रखे 15 हजार रुपए चोरी कर फरार हो गया। चाकू, कपड़ा और मोबाइल को गोदाम में अलग-अलग जगह छुपाकर फरार हो गया। आरोपित ने चोरी के रुपए में से 3 हजार रूपए खर्च कर दिए। आरोपित ने पौने चार लाख रूपए चोरी करने के लिए हत्या की योजना बनाई थी। कर्जा होने पर रूपये के लिए आरोपित लगाकर दबाव बनाया जा रहा था। जिस कारण उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।















