– नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में ओपन जिम, घर-घर कूड़ा कलेक्शन और सीएनजी वाहन प्रस्ताव पर लगी मुहर
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। शहर को साफ स्वच्छ बनाने के साथ विकास कार्यों को भी तेजी से कराया जाएगा। नगर निगम द्वारा शहर के हर वार्ड में ओपन जिम बनाने के साथ 5 करोड़ रुपए में 75 खेल के मैदान का निर्माण के प्रस्ताव पर कार्यकारिणी बैठक में मुहर लग गई। मंगलवार को मेयर आशा शर्मा की अध्यक्षता तथा नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर एवं अन्य निगम अधिकारियों व सदस्यों की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से 2 बजे तक हुई कार्यकारिणी बैठक में विकास से संबंधित डेढ़ दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगी। वंदेमातरम गान के साथ कार्यकारिणी बैठक की शुरूआत हुई।
कार्यकारिणी सदस्य पार्षद अजय शर्मा, यशपाल पहलवान, हिमांशु चौधरी, जाकिर अली सैफी ने कई प्रस्तावों पर आपत्ति दर्ज कराई। जिसके बाद इन प्रस्तावों को संशोधन के बाद पास कराया गया। कार्यकारिणी बैठक में अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय, अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव, अपर नगर आयुक्त अरूण यादव, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, जलकल महाप्रबंधक योगेश श्रीवास्तव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह, योगेंद्र यादव, अनिल त्यागी, एकाउंट ऑफिसर राजेश गौतम, जोनल प्रभारी सुनील कुमार राय, हरिकृष्ण गुप्ता, सुधीर शर्मा, राजवीर सिंह, बनारसी दास, प्रवर्तन प्रभारी कर्नल दीपक शरण आदि मौजूद रहे।
कार्यकारिणी बैठक में जहां करीब 72 करोड़ रुपए से होने वाले 274 विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए जाने पर सहमति बनी। वहीं, संपत्ति रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन कराने पर विलंब शुल्क के रूप में 1000 रुपए शुल्क लेने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा शहर में थोक विक्रेताओं से लाइसेंस फीस के रूप में 5000 रुपये, तंबाकू लाइसेंस फीस अस्थाई-200 रुपए और स्थाई- 1000 रुपए लेने पर सहमति बनी।
सीवर समस्या से मेयर दुखी
शहर में सीवर की व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा नगर निगम से हटाकर शासन द्वारा एक प्राइवेज कंपनी को सौंपा गया है। लेकिन कंपनी का कामकाज संतोषजनक नहीं है। कंपनी के कामकाज और सीवर की समस्या पर मेयर ने दुख जताया। कार्यकारिणी बैठक में मेयर ने कहा कि कंपनी काम नहीं कर रही है ऐसे में उसके खिलाफ सख्ती करने की जरूरत है।
अधिकारी को रिलीव करने का मुद्दा गर्माया
कांग्रेसी पार्षद जाकिर अली ने वार्ड क्षेत्र में सीवर और पानी की समस्या उठाते हुए जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता योगेंद्र सिंह का तबादला होने और उन्हें रिलीव करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। पार्षद ने पूछा कि मेयर आखिर इतने समय बाद भी रिलीव करने को क्यों तैयार नहीं हैं। इस नगर आयुक्त महेंद्र सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि कुछ हमारे लिए भी छोड़ दें। रिलीव करने का काम हम पर छोड़ दें। रिलीव करने का अधिकार हमारा है।
पार्किंग और विज्ञापन से आमदनी बढ़ी
बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों को बताया गया कि किस तरह से नगर निगम की पार्किंग और विज्ञापन मद में आमदनी बढ़ी है। नगरायुक्त ने बताया कि 24 पार्किंग स्थल शहर में चिन्हित हैं इनमें से ं14 पार्किंग का ठेका छोड़ी जा चुकी है और 10 स्थानों पर ठेके छोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। पार्किंग से पूर्व में जहां सिर्फ 22 लाख रुपए की आमदनी होती थी। वह अब बढ़कर 3 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। गेट मोर और ट्रू मीडिया का कोर्ट से स्टे खारिज कराया गया।
स्वास्थ विभाग पर कसा शिकंजा
भ्रष्टाचार के लिए बदनाम स्वास्थ विभाग पर शिकंजा कसा गया है। तेल का खेल करने वाले नगर निगम के अधिकारियों पर भी चोट की गई। वाहनों को डीजल से सीएनजी में परिवर्तित किया जा रहा है। ऐसे में करोड़ों रुपये का तेल पी जाने वाले स्वास्थ विभाग के अधिकारियों को भी दर्द होगा। स्वास्थ विभाग में व्याप्त रिश्वतखोरी और बेहिसाब कमीशनखोरी पर भी चोट किया जा रहा है।
बारात घर से 3 हजार और नर्सिंग होम के लिए 5 हजार होगी लाइसेंस फीस
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में होटल, लॉजिंग, गेस्ट हाउस, बारातघर से लाइसेंस फीस 3 हजार रुपए और नर्सिंग होम 20 बेड तक वालों से 3000 रुपए, प्राइवेट क्लीनिक से 2 हजार और 20 बेड से ऊपर के अस्पतालों से 5 हजार रुपए लाइसेंस फीस वसूला जाएगा। कॉल सेंटर के साथ नई तकनीक से इंटीग्रेट करने एवं ई-जीएनएन के द्वारा पेपरलेस वर्क से संबंधित प्रस्ताव को पास किया गया। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भारत सरकार के उपक्रम ईईएसएल से स्ट्रीट लाइट क्रय करने पर सहमति बनीं। नगर निगम द्वारा इस कंपनी से शहर में एलईडी लाइट लगाने के लिए एलईडी लाइट खरीदी जाएगी। इसमें 40 वॉट, 45 वॉट, 75 वॉट की एलईडी लाइट होगी।
नगर निगम कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को किया पास
– डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए प्रत्येक जोन के लिए 100-100 सीएनजी वाहन खरीदने
– सामुदायिक शौचालय की मैकेनाईज्ड डीप क्लीनिंग यानि सफाई रोस्टर के आधार पर आउटसोर्सिंग पर कराने
– रोड स्वीपिंग के लिए 10 नग से आउटसोर्सिंग पर सफाई कराने
– नगर निगम क्षेत्र में 75 खेल के मैदान बनाने
– 50 विकसित पार्क में खेल का मैदान विकसित किए जाएंगे
– शहर में 7 स्थानों बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, कचहरी, तुराबनगर, नगर निगम मुख्यालय, वसुंंधरा और मोहननगर क्षेत्र में वाईफाई की फ्री सुविधा देने
– इंदौर की तर्ज पर सैगरीगेशन कंपनी से काम कराने
– ऑडिटोरियम का पंडित दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रखा गया
– ऑलिव कंट्री के पास शहीद के नाम पर जमीन देने, जीडीए की नर्सरी को खत्म कर निगम को देने
– संपत्ति नामान्तरण कराने के लिए 90 दिनों के बाद 1000 रुपए लेट फीस वसूली जाएगी
















