एफएसएसएआई में आ रही समस्या को दूर करने की मांग
गाजियाबाद। फूड एक्ट अर्थात खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम (एफएसएसएआई) में आ रही समस्या को लेकर व्यापारियों ने सात मांगों के निस्तारण को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रेमचंद गुप्ता ने दिये गये ज्ञापन में बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में 31 मार्च तक का लाइसेंस होने के बाद भी रिनुअल के समय एक माह पहले से सौ रूपए प्रतिदिन लेट फीस लगाई जा रही है। वैध लाइसेंस होने के बाद भी एक माह पूर्व लेट फीस लगाया जाना व्यापारियों के उत्पीडऩे को बढ़ावा देना है। अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद से लेट फीस लगाया जाए। पैकिंग के आइटम में कंपनियों के साथ-साथ रिटेल के व्यापारियों को भी सजा व जुर्माने से दंडित किया जा रहा है। छोटे कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए सरकार ने 100 प्रति वर्ष का रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी है। मगर प्रत्येक जिले में रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी 10 से 25 बनाई गई है। बड़े महानगरों में तो यह संख्या 40 के भी पार है। जिससे व्यापारी को पता ही नहीं चल पाता है कि उसका लाइसेंस कौन बनाएगा ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण यह व्यवस्था समाप्त कर प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी बनाया जाए। जबकि पैक्ड आइटम के सैंपल फेल होने, सामग्री पर कंपनी का नाम व अन्य जानकारी अंकित न होने पर रिटेल कारोबारियों पर कार्रवाई की जा रही है। जो कि पूरी तरह से गलत है। ऑनलाइन फूड सप्लाई करने वाली कंपनियों के वेंडर के पास कोई लाइसेंस नहीं है। और न ही डिलीवरी मैन से कोई सेंपल भरा जा रहा है, जिससे खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच नहीं हो पाती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो व्यापारी उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। निर्माताओं के लिए विभाग द्वारा मांगी जा रही सालाना रिटर्न ऑडिट की व्यवस्था समाप्त की जाए, अधिकारियों द्वारा सैंपलिंग के समय सैंपल सीसी मौके पर सिल ना करने फार्म 5 मौके पर ना उपलब्ध कराने की शिकायतें लगातार प्राप्त होती है। सैंपल सीसी मौके पर सील की जाए तथा फार्म 5 सैंपलिंग के समय तत्कालभरकर व्यापारिक उपलब्ध कराया जाए।
















