गाजियाबाद। शहर में पर्यावरण संरक्षित रखने और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर में लगाए गए 1.22 लाख 500 पौधों का जीडीए सचिव बृजेश कुमार द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया। गुरूवार को जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने शास्त्रीनगर,कविनगर आदि क्षेत्र में निगम द्वारा लगाए गए पौधों का भौतिक सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि शहर में फुलवारी यानि कि फूलों के ज्यादा और छायादार,फलदार के अलावा पीपल,नीम,अमरूद,जामुन,पिलखन आदि प्रजाति के पौधे नहीं लगाए गए।
जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने बताया कि सड़कों के डिवाइडर के बीच में लगाए गए पौधों में ज्यादातर छोटे पौधे फूलों के देखने को मिले। मगर इनमें बड़े पौधे और छायादार एवं फलदार पौधे नहीं मिले। दरअसल,प्रदेश शासन के निर्देश पर नगर निगम द्वारा लगाए गए शहर में 1.22 लाख पौधों का जीडीए अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जबकि जीडीए द्वारा लगाए गए करीब 1.30 लाख पौधों का नगर निगम के अधिकारी द्वारा स्थलों पर जाकर सत्यापन करेंगे। पूर्व में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजा था।
वहीं, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग दीक्षा भंडारी ने भी चालू सत्र-2021-22 में नगर निगम द्वारा शहर में किए गए पौधारोपण का स्थलीय सत्यापन कराने संबंधी पत्र जीडीए को भेजा था। जीडीए के उद्यान प्रभारी एवं अधिशासी अभियंता आलोक रंजन के नेतृत्व में जीडीए के 20 इंजीनियरों एवं उद्यान निरीक्षकों द्वारा नगर निगम के पौधों का स्थलीय सत्यापन किया जाना है। गुरूवार को जीडीए सचिव बृजेश कुमार ने कई इलाकों में मौके पर जाकर पौधों का सत्यापन किया। उनका कहना है कि पौधे सुरक्षित पाए गए है। हरे-भरे होने के साथ पौधे जीवित है। मगर इनमें अधिक संख्या में फूलों के पौधे ही निगम द्वारा लगाए गए है। जबकि फलदार एवं छायादार पौधे सत्यापन में नहीं मिल पाए। वहीं,नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी एवं उद्यान प्रभारी डॉ.अनुज कुमार सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त महेंद्र सिंह के निर्देश पर जल्द ही नगर निगम के अधिकारियों द्वारा जीडीए द्वारा शहर में लगाए गए 1.30 लाख पौधों का स्थलीय सत्यापन किया जाएगा।















