किसान विरोधी कानूनों के विरोध में भारत बंद के आह्वान का असर

किसान संगठनों ने चक्का जामकर रोका आवागमन

उदय भूमि ब्यूरो
मोदीनगर/धौलाना।
केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में लागूकिए तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में भाकियू ने शुक्रवार को कई स्थानों पर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। हालांकि पहले से ही प्रस्तावित चक्का जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। शुक्रवार सुबह से ही किसान ट्रेक्टर ट्रॉली में बैठकर मोदीनगर आना शुरु हो गए। करीब साढ़े दस बजे सैकड़ों भाकियू कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और यहां उन्होंने भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली मेरठ मार्ग पर ट्रैक्टर ट्राली लगाकर सड़क पर चक्का जाम कर दिया। किसान सड़क पर लेट गए और जमकर नारेबाजी भी की। किसानों का कहना हैकि यह अध्यादेश किसानों के लिए काला कानून है। दो घंटे से अधिक समय तक किसानों ने चक्का जाम रखा। इसी दौरान उपजिलाधिकारी व सीओ ने किसानों से जाम खोलने का आग्रह किया, लेकिन वह नहीं माने। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी कानूनों के विरुद्ध किसानों, व्यापारियों एवं राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा आयोजित भारत बंद के आह्वान का असर धौलाना क्षेत्र में व्यापक रुप से देखने को मिला।
भारतीय स्वदेशी न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिसौदिया के नेतृत्व में किसानों ने सपनावत स्थित महाराणा प्रताप चौक पर धरना प्रदर्शन कर घंटों जाम लगा कर आवाजाही बाधित रखी। धौलाना में भारतीय किसान संगठन ने पिलखुवा-धौलाना मार्ग पर रोड जाम किया। भारतीय किसान यूनियन की तहसील ईकाई अध्यक्ष भवेन्द्र सिसौदिया के नेतृत्व में किसानों ने गुलावटी-हापुड़ मार्ग पर सांकेतिक बंद का आयोजन किया। गढ- दिल्ली मार्ग स्थित ततारपुर बाईपास पर राष्ट्रीय सचिव चौधरी कुशल पाल आर्य के नेतृत्व में छह घंटे तक मार्ग बाधित रखा। सपनावत में किसान नेता व भारतीय स्वदेशी न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिसौदिया ने किसानों को संबोधित करते हुए किसानों के विरोध में बनाए गए कानूनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले कानून में कंपनियों को जमाखोरी और कालाबाजारी करने की खुली छूट है। दूसरे कानून से किसान कंपनियों का बंधुवा बन जाएगा। तीसरा कानून किसानों को पूर्ण लावारिस बनाकर रख देगा। इस में कंपनियों को किसानों को अपने अधीन रखने की खुली छूट दे दी गई है। धौलाना में भारतीय किसान संगठन के प्रदेश महासचिव ब्रह्म सिंह के नेतृत्व में धौलाना पिलखवा मार्ग पर धरना प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 2 घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही। मौके पर पहुंचे एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने किसानों को समझा-बुझाकर उनकी समस्याओं से संबंधित सुझाव लिए। इस दौरान दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष सुशील राणा ने कहा कि सरकार कृषि के क्षेत्र में सुधार के नाम पर जो बिल लेकर आई हो उसे पूरी तरह प्रतिबंधित करें। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीद को कानून बनाकर अपराध की श्रेणी में लाया जाए। जब किसान पहले से ही अपनी फसल को कहीं भी बेचने के लिए स्वतंत्र है तो फिर बिल क्यों। हरियाणा में संवैधानिक विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र की हत्या है ।इस दौरान रामपाल शर्मा ,मनोज तोमर, हेमसिंह तौमर ,सुनील आडवाणी, नितिन गहलौत, अमरपाल सिंह,राजेंद्र सिंह,महेश तौमर,अजय बाल्मीकि, मोहम्मद सगीर,रियासत अली,धर्मवीर, मंगेश सिंह, राजू त्यागी,अनिल कुमार, जगत सिंह,कृष्ण पाल समेत अन्य किसानों ने हिस्सा लिया।
————–
बॉक्स
काग्रेस नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा
मोदीनगर। किसानों द्वारा चक्का जाम को अपना समर्थन देने टोपी लगाकर काग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे। लेकिन वहां पर मौजूद भाकियू कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध करना शुरु कर दिया। किसानों का कहना था कि उन्हें किसी राजनीति दल के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद काग्रेस नेताओं ने अपनी टोपी उतारकर जेब में रख ली और चक्का जाम में भाग लिया। इसके अलावा रालोद नेता व पूर्व विधायक सुदेश शर्मा ने भी किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।