गाजियाबाद। मुरादनगर नगरपालिका के जिस भ्रष्टाचार के कारण श्मशान घाट में 25 लोगों मृत्यु हो गई थी। उसके बाद भी ठेकेदार अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे है। ऐसा ही भ्रष्टाचार नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में सामने आया है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने भी जिलाधिकारी को शिकायत के जवाब में पत्र लिख बताया है कि शिकायत के अनुसार मौके पर जांच में मिली घटिया निर्माण सामग्री को वहां से हटा अधिकारियों को अपनी देखरेख में कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। खुद अधिशासी अधिकारी मान रहे हैं कि शिकायतकर्ता की शिकायत सही थी। लेकिन फिर भी संबंधित ठेकेदार से ही वह कार्य कराया जा रहा है जिसके कारण पालिका की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह उठ रहे हैं। नगर पालिका परिषद के वार्ड-16 तथा अन्य कई वार्डो में इंटरलॉकिंग सड़क नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। संबंधित क्षेत्र के लोगों ने इस बारे में जिला अधिकारी के यहां शिकायत करते हुए निर्माण कार्यों में लगाई जा रही सामग्री की वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
आरोप है कि निर्माण कार्य में सीमेंट के स्थान पर मिट्टी तथा निर्धारित ईटों के स्थान पर सस्ती मिलने वाली पीली ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शिकायतकर्ता की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका से मांगे गए जवाब में पालिका की ओर से अधिशासी अधिकारी ने जवाब दिया है कि शिकायत का निस्तारण करते हुए घटिया बताई जा रही सामग्री को हटा कर निर्धारित निर्माण सामग्री लगाए जाने के आदेश संबंधित अधिकारी को दिए गए हैं। बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व मुरादनगर में घटिया निर्माण सामग्री लगाए जाने के कारण ही उखलारसी श्मशान घाट का बरांडा गिरने के कारण 25 लोगों की मृत्यु हो गई थी। उन लोगों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। लेकिन नगर पालिका द्वारा जिन ठेकेदारों को ठेके दिए जा रहे हैं वह अधिकारियों की मिलीभगत के कारण निर्माण कार्यों में धांधली कर रहे हैं। इस बारे में शिकायत कर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले नगर पालिका में इस बारे में शिकायत की थी। लेकिन कार्य चलता रहा सुनवाई ना होने पर पूरे मामले से जिला अधिकारी को अवगत कराया गया है।















