गाजियाबाद। कूड़ा निस्तारण के लिए ठोस कदम न उठाने पर नगर निगम अब व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, हाउसिंग सोसायटी और औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। संबंधित संस्थानों को रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। बाद में जिला प्रशासन की मदद से जुर्माना राशि की वसूली होगी। बल्क वेस्ट जनरेट करने के बावजूद यह प्रतिष्ठान कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट स्थापित करने को तैयार नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह प्लांट लगाना जरूरी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइड लाइन के अनुसार भी यह अनिवार्य है।
नगर निगम ने प्लांट स्थापित करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे, मगर इन प्रतिष्ठानों ने ना प्लांट लगाए और ना नोटिस का कोई जवाब दिया। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि कूड़े का निस्तारण घर और प्रतिष्ठान में ही हो। इसके लिए जहां पर रोजाना 100 किलो से अधिक कूड़ा उत्सर्जित होता है, वहां पर कूड़ा निस्तारण प्लांट होना आवश्यक है। इसके लिए अभियान चलाकर बल्क वेस्ट जनरेट करने वाली सोसायटियों, प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों में चेकिंग की गई।
चेकिंग के दौरान 1,084 स्थानों पर कूड़े के निस्तारण में लापरवाही पाई गई। इन सभी को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह के अंदर जवाब देने और कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए। ऐसा न करने वालों पर 5 हजार रुपए से 5 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया गया, मगर बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान, औद्योगिक इकाइयों और सोसायटियों ने अब तक कूड़ा निस्तारण के लिए उचित प्रबंध नहीं किए हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इन्हें रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। अब रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इनमें से 112 सोसायटी, 225 होटल, ढाबे और 600 से अधिक औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर प्रशासन के माध्यम से जुर्माना राशि की वसूली की जाएगी। जुर्माना राशि की वसूली को आरसी जल्द जारी कराई जाएगी।
















