ब्लैक होल पर शोध : 3 वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार

सुर्खियों में रोजर पेनरोस, राइनहार्ड गेनजेल और आंद्रे गेज

स्टॉक होम। अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का फल 3 वैज्ञानिकों को मिल गया है। इन तीनों को इस साल भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा। इस संबंध में घोषणा कर दी गई है। स्वीडन की रॉयल विज्ञान अकादमी ने यह घोषणा की है। इसके तहत भौतिकी का नोबेल पुरस्कार वैज्ञानिक रोजर पेनरोस, राइनहार्ड गेनजेल और आंद्रे गेज को मिलेगा। तीनों वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल से जुड़ी गुत्थी को सुलझाने में अपना योगदान दिया है। यूके में जन्मे रोजर पेनरोस ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। उन्होंने पता लगाया है कि ब्लैक होल के निर्माण को सापेक्षता के सिद्धांत पर समझा जा सकता है। यह सिद्धांत प्रख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आईंस्टाइन ने दिया था। भौतिकी वैज्ञानिक रोजर का जन्म 1931 में ब्रिटेन में हुआ था। राइनहार्ड गेनजेल और आंद्रेया गेज को आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद एक अदृश्य मगर बेहद ताकतवर ऑब्जेक्ट यानी ब्लैक होल की खोज के लिए सम्मानित किया जाएगा। जर्मनी में जन्मे राइनहार्ड गेनजेल वर्तमान में माक्स प्लांक इंस्टीट्यूट के निदेशक हैं। जबकि आंद्रेया गेज अमेरिका से हैं। वह लॉस एंजेल्स की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। भौतिकी में नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया है। रॉयल स्वीडिश विज्ञान अकादमी ने वर्ष-2020 के लिए भौतिकी का नोबेल संयुक्त रूप से दिया। इसके तहत आधी पुरस्कार राशि रोजर पेनरोस को मिलेगी। जबकि आधी पुरस्कार राशि राइनहार्ड गेंजेल और आंद्रिया गेज को दी जाएगी। नोबेल पुरस्कार के लिए चयन होने पर तीनों वैज्ञानिकों को बधाइयां मिलने लगी हैं। उनके कार्यों को भी खूब सराहा जा रहा है। अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल लंबे समय तक वैज्ञानिकों के लिए जिज्ञासा का केंद्र रहा है। बता दें कि इस साल नोबेल का शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चयन किया गया है। ट्रंप ने 2 देशों के बीच सालों पुरानी अदावत को दूर कराने में अह्म रोल निभाया है।