-स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के मद्देनजर सफाई कार्यों का निरीक्षण
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के चलते शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नगर निगम द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। जहां लोगों को स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर 1 आने के लिए अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित रणनीति के तहत धरातल पर काम करते दिखाई दे रहे हैं। स्थालीय स्थिति को जानने के लिए नगर आयुक्त खुद इसका जायजा ले रहे है। मंगलवार को नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने शहर में निरीक्षण करते हुए कहा कि गंदगी न करने के साथ-साथ सभी की स्वच्छता में सहयोग की जिम्मेदारी है। नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ आप सभी की भी जिम्मेदारी है कि आप भी सहयोग करें। नगर आयुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार,उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, जेई उद्यान दिनेश शर्मा, सफाई निरीक्षक नरेंद्र कुमार आदि के साथ निरीक्षण किया।
नगर आयुक्त ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में जितनी जिम्मेदारी नगर निगम की है, उतनी ही जिम्मेदारी शहर के जनप्रतिनिधि एवं लोगों द्वारा भी निभाई जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में शहर की अव्वल रैंकिंग लाने के लिए मानकों के अनुरूप कार्य किया जा रहा हैं। इसमें पार्षदों का भी सहयोग लिया जा रहा है। शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि शौच के समय शौचालयों का ही इस्तेमाल किया जाए। अगर कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करते हुए पाया गया तो उसको अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समझाया जाए। खुले में कहीं भी सार्वजनिक स्थान पर कचरा ना डालें केवल डस्टबिन में ही कचरा डाला जाए। सड़कों पर चलती गाडिय़ों से कचरे को सड़कों पर ना फेंके। गाड़ी में भी छोटे डस्टबिन का इस्तेमाल किया जाए। घर के अंदर कचरा पृथक्करण के लिए अलग-अगल डस्टबिन का इस्तेमाल किया जाए। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में अपने आसपास शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने के लिए आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, पार्षदों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सहयोग करने के लिए संदेश जारी किया गया। स्वच्छता में सहयोग करना है बल्कि शहर को गंदा ना करना भी शहर को स्वच्छ करना है।
















