निगम अधिकारी डायरी में रखेंगे प्रतिदिन कार्यों का रिकार्ड
गाजियाबाद। नगर निगम की कार्यशैली को और बेहतर बनाने के लिए नगर आयुक्त ने निगम अधिकारियों को प्रतिदिन की योजना बनाकर डायरी मेंटेन करने के लिए निर्देश दिए है। जिस तरह स्कूलों में विद्यार्थियों की डायरी में उनके कार्यों का रिकार्ड होता है। ठीक उसी तरह अब निगम अधिकारियों को भी प्रतिदिन अपने कार्यों का रिकार्ड रखना होगा। नगर आयुक्त की इस मुहिम से कहीं न कहीं प्रतिदिन होन वाले कार्य व संचलित निर्माण कार्यों को बेहतर होगी। इस कार्य से निगम अधिकारियों को भी सहूलियत मिलेगी। डायरी मेंटेन होने से किसी कार्य को करना है और वह कार्य कब तक पूरा होगा।
इसके साथ किन योजना पर काम किया जा रहा है। यह ढूंढने में उन्हें भी सहूलियत मिलेगी। क्योंकि ज्यादातर सरकारी विभागों में अगर किसी कार्यों की रिपोर्ट देखनी हो तो अधिकारियों को ऑफिस में रखी फाईल या फिर कम्पयूटर में रिकार्ड डाटा सर्च करना पड़ता है। मगर अब इन सबके साथ-साथ डायरी भी कहीं न कहीं डायरी भी अधिकारियों के लिए सारथी का काम करेगी। डायरी मेंटेन है कि नही है, इसकी जांच खुद नगर आयुक्त करेंगे।
मेयर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा शहर में संचलित विकास कार्य को और अधिक प्रभावशाली ढंग से करने के लिए नगर निगम टीम को एक डायरी मेंटेन करने के निर्देश दिए गये है। जिसमें प्रतिदिन की योजना अधिकारी द्वारा लिखी जाएगी कि आज उसे किस किस कार्य को पूर्ण करना है तथा किस-किस प्रोजेक्ट पर कार्य करना है।
जैसा कि ज्ञात हो कि प्रोफेशनली डायरी मेंटेन करने से बहुत से कार्य आसानी से हो जाते है। साथ ही डायरी हमारी सहयोगी बनकर हमें रिमाइंडर भी दिलाती है। इसी मुहिम पर बेहतर कार्य शहर हित में करने के लिए डायरी का इस्तेमाल सही ढंग से करने के निर्देश नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग, उद्यान विभाग, जलकर विभाग, प्रकाश विभाग तथा समस्त ऐसे अधिकारी जिन का कार्य प्रतिदिन निरीक्षण व कार्यालय में होता है उनको डायरी मेंटेन करके प्रतिदिन की योजनाओं पर लिखकर कार्य करने के निर्देश दिए है।
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर हित में किए जा रहे कार्यों को और बेहतर व समय अनुसार पूर्ण करने के लिए स्मार्ट तरीके से कार्य करने की भी बहुत अधिक आवश्यकता है। जिसके लिए अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता, सहायक अभियंता तथा अन्य क्लर्क स्टाफ डायरी मेंटेन करके कार्य करेंगे तो बहुत से कार्य समय पर और अच्छी तरीके से पूर्ण होंगे। जिससे अपने सीनियर को भी कार्य की रिपोर्ट देने में आसानी रहेगी।
यदि किसी को डायरी मेंटेन करने में किसी प्रकार की कोई आपत्ति होगी तो उनको स्पेशल ट्रेनिंग देकर डायरी लिखना भी बताया जाएगा। ताकि वह अपने फील्ड का कार्य बहुत ही बेहतर तरीके से अच्छे रिजल्ट के साथ कर सकें। उन्होंने बताया कहीं भी किसी भी समय अधिकारी की डायरी चेक भी की जा सकती है कि उनके आज के डे प्लानिंग में क्या-क्या नोट है। इस प्रकार की कार्यशैली से स्टॉक में भी मोटिवेशन आएगा। नगर निगम द्वारा शहर हित में किए जा रहे कार्यों में ना केवल विकास के कार्यों को ही आगे बढ़ाया जा रहा है। बल्कि नगर निगम के स्टाफ को भी स्मार्ट तरीके से कार्य करने का मौका दिया जा रहा है। जिससे स्मार्ट तरीके से बेहतर कार्य शहर में होंगे, और स्टाफ में कार्य के प्रति मनोबल बढ़ेगा।
















