गाजियाबाद। आजकल रोड दुर्घटना आम बात हो गई है लेकिन इस दुर्घटना में सैकड़ो लोगों की जान समय पर उपचार न मिलने के कारण हो जाती है। अगर सड़क हादसे में घायल लोगों को उपचार मिल जाये तो शायद सभी की तो नही, मगर कुछ की जान तो हम बचा ही सकते है। मगर ऐसा कभी देखने को नही मिलता। सड़क दुर्घटना होने पर हम रुक तो जाते है, फिर विडियो या फोटो खींचने में लग जाते है। चाहें वह व्यक्ति वहां हमारे सामने ही तड़प-तड़प कर जान क्यों न दे दें। बाद में फिर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए सारा दोष सरकारी सिस्टम पर मढ देते है। गाजियाबाद में एक बार फिर पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए सही समय पर घायल व्यक्ति को उपचार दिलाकर उसे नया जीवनदान देने काम किया है।
जिले के कप्तान मुनीराज जी. की सूझबूझ के चलते एक व्यक्ति की जान उस समय बच गई। जब कप्तान सड़क पर निकल रहे थे। वहीं गंभीर अवस्था में खून से लथपथ एक व्यक्ति सड़क पर पड़ा हुआ था। मौके पर मौजूद स्थानीय लोग सिर्फ अपनी मूर्खता का परिचय देते हुए उसका विडियो और फोटो खींचने में लगे थे। मगर उसकी मदद के लिए कोई आगे नही आया। तभी वहां से अपनी गाड़ी में गुजर रहे एसएसपी ने खून से लथपथ व्यक्ति को देख तुंरत गाड़ी से उतरकर पुलिसकर्मियों की मदद से उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी में उपचार के लिए नेहरु नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। समय पर उपचार मिलने पर उस व्यक्ति की जान बच गई। मगर वहां मौजूद लोग सिर्फ तमाशबीन बनकर सिर्फ तमाशे के तरह भीड़ लगाए हुए थे।

गुरुवार सुबह एसएसपी मुनीराज जी. अपनी गाड़ी से आरडीसी स्थित हिन्ट चौराहे से निकल रहे थे। तभी हिन्ट चौराहे के पास खून से लथपथ सुरेंद्र सक्सैना निवासी बनवारी लाल का अहाता तुराबनगर घायल अवस्था में पड़ा था। जिसके आसपास सिर्फ लोगों की भीड़ थी। एसएसपी ने तुंरत गाड़ी रुकवाई और बाहर निकलकर पुलिसकर्मियों एवं कुछ युवकों की मदद से अपनी स्कोर्ट की गाड़ी से सुरेंद्र सक्सैना को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया और थाना कविनगर व चौकी प्रभारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसएसपी द्वारा किए गये इस मानवता के कार्यों का फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जहां के इनके कार्यों की सराहना की जा रही है।
















