भगवान परशुराम के नाम पर सभी जिलों में हो सड़कों का नामकरण, ब्राहण महासभा ने रखी मांग

– अखिल भारतवषीय ब्राहण महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण मिश्र का तूफानी दौरा, उत्तर प्रदेश के दोनों उप-मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों से की मुलाकात

उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कम से कम एक प्रमुख सड़क का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया जाये। अखिल भारतवर्षीय ब्राहण महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण मिश्रा द्वारा इस मांग को पूरजोर तरीके से उठाया जा रहा है। तरुण मिश्र ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के दोनों उप-मुख्यमंत्री सहित कई अन्य मंत्रियों और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान ब्राहण कल्याण बोर्ड सहित ब्राहणों से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार को ब्राहण समाज की इच्छाओं से अवगत कराया।


तरुण मिश्रा बुधवार सुबह दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। लखनऊ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कृष्णपाल मलिक, सहकारिता मंत्री जेपी एस राठौर और भाजपा के संगठन महासचिव सुनील बंसल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री तरुण मिश्रा ने कहा देश में ब्राह्मण समाज कल्याण बोर्ड के गठन की जरूरत है ताकि समाज का कोई भी व्यक्ति इस बोर्ड के जरिए अपनी समस्या का समाधान करा सकें। उन्होंने कहा ब्राह्मण समाज पर लगातार अत्याचार हो रहे है।

चुनाव के दौरान भी ब्राह्मण का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के रुप में किया जाता है। जिसके बाद उनकी सुनवाई पर कोई कार्रवाई नही है। जिस कारण ब्राह्मण समाज की स्थिति बेहद ही दयनीय हो गई है। अगर ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन हो जाए तो पीडि़त ब्राह्मणों को जल्द न्याय मिल सकेगा। यह मांग कई दशक से उठाई जा रही है, मगर अभी तक किसी सरकार ने इस ओर ध्यान नही दिया। ब्राह्मणों ने समय-समय पर अपनी काबिलियत को सिद्ध किया है। इसके बावजूद इस समाज को वह सम्मान और हक नहीं मिल पाया है, जिसका वह हमेशा से हकदार रहा है।

उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन बहुत ही दयनीय होती जा रही है। जिसका बुरा असर जीविका पर भी पड़ा है, लेकिन सवर्ण होने के नाते उन्हें सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही है।
सत्य की प्रधानता और ज्ञान शक्ति से सम्पन्न होने के कारण ब्राह्मण को भारतीय परंपरा मे सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कहा गया है कि भूतों में प्राणी श्रेष्ठ है और प्राणियों में बुद्धिजीवी, बुद्धिजीवियों में भी मनुष्य श्रेष्ठ है और मनुष्यों में ब्राह्मण जाति श्रेष्ठ है। ब्राह्मणों में विद्वान, विद्वानों में कृतबुद्धि, कृतबुद्धियों में कर्त्ता और कर्त्ताओं में ब्राह्मवेता श्रेष्ठ है। इसीलिए ब्राह्मवेता को तीनों लोकों में पूज्य बताया गया है। मगर आज उनकी सुनने वाला कोई भी नही है।

वन-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कृष्णपाल मलिक से मुलाकात के दौरान कहा कि कानपुर और उन्नाव क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों द्वारा जो भ्रष्टाचार किया जा रहा है, उस पर रोक लगाने की मांग की। वहीं उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय के नाम से राज्य स्तरीय पुरुस्कार का प्रावधान किया जाए। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति थे।