अब लोनी नगर पालिका परिषद की कमान संभालेंगे केके भडाना

शासन ने गुलावठी से तबादला किया, कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को नई जिम्मेदारी

गाजियाबाद। मेहनती, ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिशासी अधिकारी के. के. भडाना को अब नगर पालिका परिषद लोनी की कमान सौंपी गई है। उप्र शासन ने उन्हें गुलावठी से स्थानांतरित कर लोनी भेजा है। जबकि लोनी की ईओ शालिनी गुप्ता को नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर की जिम्मेदारी मिली है। विकास कार्यों एवं जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों का सफल तरीके से संचालन करने की वजह से शासन ने के.के. भडाना को दूसरी बार गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण जनपद में भेजा है। इसके पहले वह खोड़ा नगर पालिका परिषद के ईओ का दायित्व भी बखूवी ढंग से निभा चुके हैं। उप्र शासन ने स्थानीय निकायों के कुछ अधिशासी अधिकारियों के तबादले किए हैं।

खास बात यह है कि शासन ने अधिशासी अधिकारी के.के. भडाना को तवज्जो दी है। काम के प्रति गंभीरता और जनता में लोकप्रिय रहने के कारण शासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी है। के.के. भडाना फिलहाल गुलावठी नगर पालिका परिषद में अधिशासी अधिकारी के पद पर तैनात थे। उन्हें गुलावठी से लोनी नगर पालिका परिषद में ईओ बनाकर भेजाकर गया है। लोनी की ईओ शालिनी गुप्ता का तबादला खोड़ा नगर पालिका परिषद में किया गया है। वहीं, किशन कांत मिश्रा को नगर पालिका परिषद खोड़ा-मकनपुर से नगर पालिका परिषद फतेहपुर सीकरी (आगरा) का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। शासन ने पिछले साल भडाना को खोड़ा से गुलावठी नगर पालिका में भेजा था।

ट्रांसफर लिस्ट

वहां अपने कम समय के कार्यकाल में उन्होंने ज्यादा काम करके दिखाया। इसके अलावा पालिका परिषद की आय के साधनों में भी बढ़ोत्तरी की। इसके पहले ईओ भडाना खोड़ा नगर पालिका में साढ़े चार साल तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कभी विकास की दृष्टि से बेहद पिछड़े रहे खोड़ा क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर बदलने में भडाना की अह्म भूमिका रही थी। उन्होंने विकास योजनाओं को समय से धरातल पर उतारने में पूरी गंभीरता से काम किया। नतीजन नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से महरूम नहीं रहना पड़ा। खोड़ा पालिका का चार्ज मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले नगर पालिका के कार्यालय को बेहतर बनाया था। तदुपरांत खोड़ा के सभी क्षेत्रों में एक समान विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से अमलीजामा पहनाया।

खोड़ा नगर पालिका में के.के. भड़ाना के कार्यकाल को आज भी याद किया जाता है। दरअसल उनकी खासियत यह रही थी कि वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में नहीं आए थे। उन्होंने सभी जरूरतमंदों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया। विशुद्ध रूप से एक गांव को बेहतरीन शहर में तब्दील करने के लिए खोड़ा के नागरिक आज भी केके भड़ाना का शुक्रिया अदा करना नहीं भूलते हैं। इसी प्रकार की कार्यशैली उन्होंने गुलावठी नगर पालिका परिषद में निभाई थी। गुलावठी क्षेत्र में भी अब विकास की गति काफी तेज है। वहां की सूरत भी पहले के मुकाबले बदल चुकी है।