– शांतिनगर-लोहिया विहार में पॉलिटिकल ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर कब्जा के मामले में कमेटी करेगी जांच
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। गरीबों के लूटेरे भू-माफिया और उसके साथी जल्द बेनकाब होंगे। गरीबों के साथ धोखा करने वालों से निपटने के लिए म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने एक कमेटी गठित कर विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने इस बाबत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉ. अजय शंकर पांडे को पत्र भी लिखा है। कमेटी इसकी जांच करेगी कि किस तरह से भू-माफिया ने नगर निगम की जमीन पर प्लॉटिंग कर लोगों को उस पर कब्जा दिया और सरकारी जमीन कब्जा होने के मामले में किन अधिकारियों की संलिप्तता या मौन स्वीकृति रही है। उधर, नगर निगम के विपक्षी दलों के पार्षद भी लगातार इस मामले को उठा रहे हैं और नगर निगम से आगे की कार्रवाई रोकने की मांग की है।
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ज्ञात हो कि पॉलिटिकल ट्रेनिंग सेंटर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके बनने से शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा वहीं शहर के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर हुआ अवैध कब्जा है। नगर निगम ने जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए दो बार अभियान चलाया और अब तक दो दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर उस हिस्से पर पुन: कब्जा लिया जा चुका है। लेकिन जमीन के एक बड़े हिस्से पर अभी भी अवैध कब्जा है। इसको लेकर जबरदस्त राजनीति हो रही है। दो दिन पूर्व कांग्रेस, सपा, बसपा के 22 पार्षदों ने बाकी बचे मकानों को नहीं तोड़ने को लेकर नगर निगम में विरोध प्रदर्शन करते हुए म्युनिसिपल कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा था।
म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि चार सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष अपर नगर आयुक्त आरएन पांडेय होंगे। इनके अलावा कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार, तहसीलदार और सब रजिस्ट्रार भी शामिल होंगे। डीएम को इस मामले में कमेटी बनाने के लिए पत्र भेजा गया है। कमेटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाही की जाएगी। जांच होने के बाद ही भू-माफिया और उनके सहयोगी बेनकाब हो जाएंगे।
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सरकारी जमीन पर कब्जा कराने के मामले में नगर निगम अधिकारियों को इसलिए क्लीन चिट नहीं दी जा सकती क्योंकि क्योंकि शांतिनगर और लोहिया विहार कॉलोनी में सभी सुविधाएं दी जा रही थी। हाउस टैक्स लेने के अलावा यहां पानी की लाइन, प्रकाश व्यवस्था आदि की सुविधा भी उपलब्ध थी। म्युनिसिपल कमिश्नर ने कहा कि नगर निगम का रूख साफ है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन सरकारी जमीन पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। यदि किसी ने जमीन पर कब्जा किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी।















