बच्चों में महिला सम्मान की रक्षा के दें संस्कार: डीएम

मिशन शक्ति अभियान में महिलाओं को किया जागरूक 

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मिशन शक्ति अभियान की गई शुरूआत का जनपद में अब बड़े पैमाने पर महिलाओं के लिए हेल्पडेस्क से लेकर महिलाओं को जागरूक करने का कार्यक्रम जारी है। शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में कार्यक्रम के दौरान कहा कि महिला शक्ति दीपावली पर करोड़ों दीपक को रोशन प्रदान करती हैं।

जिलाधिकारी ने मिशन शक्ति अभियान का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। जिलाधिकारी द्वारा शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र,साउथ साईट ऑफ जीटी रोड,हिंडन विहार,अमृत स्टील कंपाउंड,मेरठ रोड,पंजाब एक्सपेलर कंपाउंड आदि औद्योगिक क्षेत्रों में भी महिला जागरूकता,स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला शक्ति अभियान के तहत मुख्य रूप से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कंपनी द्वारा कार्यक्रम किया गया। कंपनी में निदेशक के रूप में दो महिला निदेशक शिखा गर्ग और आनंदी रामलिंगम है। निदेशक भी रूचि गर्ग है।

कंपनी में 400 से अधिक महिलाएं कार्यरत है। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने कहा कि घर से समूह में चलकर छात्राएं कॉलेज पहुंचे, इससे वो सुरक्षित रहेंगी। साथ ही घर में मौजूद पुत्रों को महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने का संस्कार दें, ताकि वो महिलाओं लड़कियों को अपने परिवार की समझे। दीपक अकेला होता है, मगर दीपावली में एक साथ करोड़ों दीपक प्रज्जवलित होते हैं। बेटी भी कुल दीपक होगी। मातृ शक्ति का महत्व बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जहां किसी देवता की पूजा में एक देवता की पूजा होती है, मगर शक्ति स्वरूप देवी में सभी देवताओं का अंश विद्यमान होता है। इसलिए देवी का शक्ति स्वरूप हमेशा से पूजनीय होता हैं। महिलाओं और बालिकाओं को दिए गए अधिकारों के संबंध में जानकारी देते हुए अपील की कि सभी पुरूष एवं महिला,बालिकाओं के प्रति सम्मान विकसित करें। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में शी बॉक्स का विमोचन किया। कंपनी की निदेशक शिखा गर्ग को स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस मौके पर सीडीओ अस्मिता लाल,जिला विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी,जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कंपनी के अधिशासी निदेशक जयदीप मजूमंदार,कंपनी की निदेशक रूचि गर्ग आदि की मौजूदगी में महिलाओं के अधिकारों एवं सशक्तीकरण के संबंध में विचार प्रकट किए।