गाजियाबाद में जनता के भरोसे का मंच बना ‘संभव’, समस्याओं के समाधान को मिला रफ्तार

-समाधान के बाद शिकायतकर्ता का फीडबैक लेना भी सुनिश्चित करें अधिकारी: नगर आयुक्त
-जनसुनवाई में 14 शिकायतें पहुंचीं, मौके पर समाधान के लिए विभागीय टीमों को किया गया रवाना
-निर्माण, स्वास्थ्य, जलकल, कर, उद्यान और अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर हुई सुनवाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए उनके त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की गई। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निस्तारण के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। नगर निगम मुख्यालय में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाला ‘संभव’ कार्यक्रम नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में इस सप्ताह आयोजित जनसुनवाई में कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें निर्माण विभाग से चार, स्वास्थ्य विभाग से तीन, कर विभाग से दो, जलकल विभाग से दो, उद्यान विभाग से एक तथा अतिक्रमण से संबंधित दो शिकायतें शामिल रहीं।

विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने सड़क, सफाई, जलापूर्ति, कर निर्धारण, पार्कों की स्थिति और अवैध अतिक्रमण जैसी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। जनसुनवाई के दौरान नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई कर शिकायतों का निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समस्या वास्तव में समाप्त हुई है और शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को मौके पर टीम भेजकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को राहत प्रदान करना और उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। इसलिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरते।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि समाधान के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि यह पता चल सके कि की गई कार्रवाई से समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि एक ही समस्या को लेकर नागरिक बार-बार शिकायत करने को मजबूर होते हैं तो यह संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इसलिए सभी विभाग ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखें और स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करें। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद, मुख्य अभियंता निर्माण एन.के. चौधरी, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम के माध्यम से न केवल नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी मजबूत हो रही है। लगातार बढ़ रही जनभागीदारी इस बात का संकेत है कि लोगों का भरोसा इस व्यवस्था पर बढ़ रहा है। नगर आयुक्त ने कहा कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और नगर निगम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। जनसुनवाई के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए तथा शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर नगर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।