मुश्किलों पर धैर्य की जीत का पर्व भी है दशहरा : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी पर्व के मौके पर सरहद पर मुस्तैद जवानों को याद किया। पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से सैनिकों के सम्मान में घर में एक दीया जलाने की अपील की। उन्होंने सैनिकों का हौंसला भी बुलंद किया। इसके अलावा कोविड-19 (कोरोना वायरस) से सतर्क रहने की जरूरत बताई। दशहरा पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने दशहरा पर्व की महत्ता, कोविड-19 और सरहद पर तैनात वीर जवानों का विशेष तौर पर उल्लेख किया। अपने संबोधित में उन्होंने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। यह मुश्किलों पर धैर्य की जीत का पर्व भी है। आज आप सभी बेहद संयम और मर्यादा पूर्वक तरीके से त्यौहार मना रहे हैं। जो लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसमें विजय भी सुनिश्चित है। पहले दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शनों के अपार भीड़ उमड़ती थी, मगर इस बार ऐसा नहीं हो पाया। इस बार दशहरा मेले का स्वरूप भी बदल गया है। कोरोना काल में संयम से काम लेने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के वीर सैनिकों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मैं उन परिवारों के त्याग को भी नमन करता हूं, जिनके बेटे-बेटियां आज सरहद पर मुस्तैद हैं। हमें घर में एक दीया भारत माता के इन बहादुर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है। उन्होंने कहा कि सैनिक बेशक सरहद पर हैं, मगर समूचा देश उनके साथ है। सैनिकों के लिए कामना कर रहा है। पीएम मोदी ने खादी की लोकप्रियता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेहत की दृष्टि से यह बॉडी फ्रेंडली फैब्रिक है। प्रत्येक मौसम में खादी के वस्त्र का इस्तेमाल हो सकता है। आज खादी फैशन स्टेटमेंट भी है। खादी की लोकप्रियता बढऩे के साथ-साथ विभिन्न देशों में खादी बनाई भी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।














