कोरोना महामारी के कारण इस बार नहीं लगेगा कार्तिक मेला

श्रद्धालु गंगा किनारे नहीं पहुंच पाएंगे
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया

उदय भूमि ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर।
कोरोना महामारी के कारण इस बार कार्तिक मेले का आयोजन नहीं होगा, जिसके चलते श्रद्धालुओं को गंगा किनारे पहुंचने से रोकने को एंट्री वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कराई जाएगी। आसपास के जनपदों से भी श्रद्धालुओं की रोकथाम को सहयोग लिया जाएगा। उत्तरी भारत में मिनी कुंभ के रूप में विख्यात गढ़ खादर का पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला इस बार कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गया है, क्योंकि प्रदेश शासन ने मेला आयोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। खादर मेले का अतीत महाभारत काल से जुड़ा है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को साथ लाकर विभिन्न अनुष्ठान संपन्न कराए थे। छठ पूजा, गोपाष्टमी, अक्षय नवमी, देवोत्थान एकादशी, दीपदान जैसे कई पर्व मेले में मनाए जाते हैं, परंतु चतुर्दशी की संध्या में होने वाला दीपदान पर्व सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि साल भर के भीतर दिवंगत होने वालों की आत्मा शांति और मोक्ष प्राप्ति को इसी दिन स्वजन दीपदान करते हैं। दीपदान के उपरांत उसी रात में पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व प्रारंभ होता है, जिसमें डुबकी लगाकर श्रद्धालु अपने गंतव्यों को वापिस लौटते हैं। शासन से रोक लगने के कारण इस बार मेले का आयोजन नहीं होगा, जिसके चलते दिवंगतों की आत्मा शांति को दीपदान और पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को गंगा किनारे पहुंचने से रोकना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सीओ पवन कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार और वरिष्ठ उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह ने सोमवार को गंगा किनारे समेत उससे जुड़े सभी संपर्क मार्गों का दौरा कर वहां की भोगोलिक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन स्तर से कार्तिक मेले के आयोजन पर रोक लगी हुई है, इसलिए श्रद्धालुओं को किसी भी दशा में गंगा किनारे पर नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

एंट्री वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग होगी

एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने बताया कि श्रद्धालुओं को गंगा किनारे पर पहुंचने से रोकने को सभी संपर्क मार्गों को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर बैरिकेडिंग कराने के साथ ही वहां हर समय पुलिस भी तैनात रहेगी। उन्होंने बताया कि मेलावधि के दौरान आसपास के जनपद मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा के पुलिस-प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि वहां से आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस रास्ते में ही रोककर गढ़ तक न पहुंचने दे।