नगर निगम में झूठी शिकायतों का अंबार जांच में खुल रही शिकायतों की पोल

– नगर निगम को बदनाम करने के लिए सक्रिय हुआ फर्जी शिकायती गैंग

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम को बदनाम करने के लिए फर्जी शिकायती गैंग की सक्रियता यकायक बढ़ गई है। पिछले कुछ समय से लगातार कई तरह की झूठी शिकायतें करवाई जा रही है। लेकिन जांच में इन झूठी शिकायतों की पोल पट्टी खुल रही है। झूठी शिकायतों को बल देने के लिए मीडिया को भी गुमराह किया जा रहा है। दो दिन पूर्व नगर निगम में भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए मीडिया में एक फोटो प्रसारित किया गया। मामला निर्माण विभाग के कविनगर जोन स्थित शास्त्री नगर में सड़क निर्माण से संबंधित था। कुछ समाचार पत्र में इस फोटो के आधार पर खबर भी प्रकाशित हुई। फोटो के माध्यम से शिकायतकर्ता द्वारा यह दर्शाने की कोशिश की गई कि सड़क निर्माण में घोटाला हुआ है। पांच दिन पूर्व सड़क बनाई गई थी और अब यह सड़क टूट गई है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण विभाग को तलब किया। चीफ इंजीनियर द्वारा जब मामले की जांच कराई गई तो शिकायतकर्ता की पोल पट्टी खुल गई। जिस स्थान और जिस एंगल से शिकायतकर्ता ने फोटो भेजी थी उसी स्थान और उसी एंगल से जांच टीम ने फोटो खींचा और अपनी रिपोर्ट दी। हास्यप्रद बात यह है कि जिस नई सड़क के टूट जाने की शिकायत की गई थी उस सड़क के निर्माण को लेकर कोई टेंडर ही नहीं हुआ है। यानी जो सड़क बनी ही नहीं वह टूट कैसे गई। यह घटना तो सिर्फ बानगी भर है। निर्माण विभाग के अलावा स्वास्थ विभाग, जलकल विभाग, उद्याान विभाग में भी इस तरह की शिकायतों के ढ़ेर लगे हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि काम की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी विभागों के अधिकारियों को इसकी ताकीद कर दी गई है और यदि भ्रष्टाचार का कोई मामला सही पाया जाएगा तो संबंधित कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। फर्जी शिकायतों के बाबत नगर आयुक्त का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और उसकी जांच कराई जाती है। जांच में चीजें स्पष्ट हो जाती है।

विनगर जोन स्थित शास्त्री नगर के इसी सड़क के निर्माण को लेकर की गई थी फर्जी शिकायत।

विदित हो कि गाजियाबाद नगर निगम में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जोरदार हंटर चलाया है। नगर निगम में कमीशनखोरी पर सख्ती से रोक लगाई गई है। अधिकारियों को समझा दिया गया है कि यदि कोई कमीशन लेते हुए पकड़ा गया तो उसे कार्रवाई से कोई बचा नहीं सकता। नगर आयुक्त की इस सख्ती से कई लोग प्रभावित हुए है। नगर निगम में सिर्फ अधिकारियों ही नहीं बल्कि कई प्रभावशाली लोगों द्वारा भी कमीशन लिये जाने की शिकायतें मिलती रही है। लेकिन नगर आयुक्त की सख्ती के आगे किसी की चल नहीं पा रही है। सख्ती का असर है कि विकास कार्यों को समय से पूरा करने को लेकर टाल मटोल रवैया अपनाने वाले ठेकेदार भी अब समय से काम पूरा कर रहे हैं और कामों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई।

मेयर, नगर आयुक्त सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी लगातार निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस सख्ती का लाभ गाजियाबाद के शहरवासियों को मिल रहा है। नगर आयुक्त द्वारा भ्रष्टाचार पर चलाये गये हंटर की लोग सराहना कर रहे हैं। समाजसेवी एवं लाइनपार क्षेत्र आरडब्ल्यूए के आरके आर्या बताते हैं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की सख्ती का असर है कि काम तेजी से हो रहे हैं और कामों की गुणवत्ता भी सुधरी है। नगर निगम में कमीशनखोरी पर रोक लगाकर नगर आयुक्त ने भ्रष्टाचार पर प्रहार किया है और व्यवस्था को स्वच्छ एवं पारदर्शी बनाने की अनूठी पहल की है।