175 से अधिक बीडीएस एवं एमडीएस के विद्यार्थियों के साथ दंत चिकित्सक हुए शामिल
गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज मुरादनगर के पीडिएट्रिक एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा शुक्रवार को एक दिवसीय सीडीई एवं कार्यशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका विषय ”पीडियाट्रिक-माइक्रो-एंडोडोंटिक्स- डेंटो-मैग्निफिक” था। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न डेंटल कॉलेजों के 175 से अधिक बीडीएस छात्र एवं एमडीएस के विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी दंत विभागों के दंत चिकित्सक शामिल थे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वक्ता डॉ प्रसाद मूसले, प्रख्यात बाल दंत चिकित्सक और माइक्रो-एंडोडोंटिक्स के विशेषज्ञ एवं डॉ दयानंद शिरोल, बाल चिकित्सक और माइक्रो और रोटरी एंडोडोंटिक्स के विशेषज्ञ थे, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न व्याख्यान प्रस्तुत किए है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वक्ता डॉ प्रसाद मूसले, डॉ दयानंद शिरोल और आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आरपी चड्ढा के द्वारा मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित करके किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान संस्थान के डायरेक्टर-प्रिंसिपल, डॉ देवी चरण शेट्टी के साथ-साथ संस्थान के सभी दंत विभागों के एचओडी एवं दंत चिकित्सक भी उपस्थित थे। इसके बाद डॉ देवी चरण शेट्टी ने सभा को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिये धन्यवाद दिया। कार्यशाला के दौरान डॉ प्रसाद मुसाले ने बाल चिकित्सा माइक्रोएन्डोडॉन्टिक्स विषय के बारे में सभी प्रतिभागियों को गहन जानकारी प्रदान कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसमें बाल दंत चिकित्सा देखभाल में इसके महत्व पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही उन्होंने बाल रोगियों में माइक्रो एंडोडोंटिक प्रक्रियाएं करते समय अद्वितीय चुनौतियों और विचारों पर भी चर्चा की। इसके बाद डॉ दयानंद शिरोल ने रेडियोग्राफिक मूल्यांकन और नैदानिक मूल्यांकन सहित बाल चिकित्सा माइक्रोएंडोडॉन्टिक्स के लिए विशिष्ट नैदानिक प्रोटोकॉल पर सभी प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों में माइक्रो एंडोडोंटिक प्रक्रियाओं का उपयोग करके उपचार में सुधार लाने के उद्देश्य के बारे में भी बताया। व्याख्यानों से गहन ज्ञान प्राप्त करने के बाद, प्रतिभागियों को रोगी पर लाइव प्रदर्शन का अवसर मिला।
इसके बाद प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन में भाग लिया जहां उन्होंने अनुभवी चिकित्सकों के मार्गदर्शन में बाल चिकित्सा माइक्रो एंडोडोंटिक प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य दंत चिकित्सकों को बाल चिकित्सा माइक्रो एंडोडोंटिक के क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाना था जिससे वह भविष्य में मरीजों को उत्तम तकनीक द्वारा बेहतर उपचार प्रदान कर सकें। वक्ताओं ने बाल चिकित्सा माइक्रो एंडोडोंटिक स्किल्स को सशक्त बनाने हेतु सभी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया जिसके लिये सभी प्रतिभागियों ने उनकी सराहना की।



















