रंग ला रही है नगर निगम की मेहनत सुधर रही है गाजियाबाद की हवा एयर क्वॉलिटी में सुधार के मामले में शानदार प्रदर्शन देश में नंबर-4 व प्रदेश में नंबर-2 बना गाजियाबाद

-नगर आयुक्त की प्लानिंग से गाजियाबाद की वायु गुणवत्ता में आया सुधार
-मियावाकी पद्धति से प्लांटेशन, सड़क सुधार के कार्य, अमृत सरोवर का कार्य, प्रतिदिन एंटी स्मोक व वॉटर स्प्रिंकलर के प्रयासों से बदल रही शहर की हवा

गाजियाबाद। पर्यावरण सुधार में नगर निगम का प्रयास आखिर सार्थक हो गया है। स्वच्छता के साथ निगम का पर्यावरण सुधार व वायु गुणवत्ता की ओर से उठाए गए ठोस परिणाम को ही रिजल्ट है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत एयर क्वालिटी सुधार रैंक भारत में गाजियाबाद नगर निगम चौथे और उत्तर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई रैंकिंग में देशभर में नंबर-4 और प्रदेश में नंबर-2 पर नगर निगम आ गया हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम द्वारा शहर में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण एवं सड़क सुधार के कार्य के साथ तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य, एंटी स्मोक गन तथा वॉटर स्प्रिंकलर का कार्य शहर की वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर किए जा रहे हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर दर्शाए गए रैंकिंग में देश में नंबर-4 और प्रदेश में नंबर-2 पर आया है। निगम द्वारा सड़कों को धूल मुक्त कराने के लिए सफाई का कार्य भी किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 20 करोड़ रुपए के विकास कार्य सड़क आदि के अधिकांश निर्माण कार्य प्रदूषण सुरक्षा फंड के माध्यम से कराए गए हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स के अंतर्गत भी लगभग 10 करोड़ के कार्य कराए गए। नगर निगम की रिक्त भूमि पर मियावाकी पद्धति से लगभग दो लाख पौधे लगाए गए। जिनका संरक्षण भी किया जा रहा है। इससे वायु गुणवत्ता में काफी फर्क पड़ा है। वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 8 से 10 एंटी स्मोक गन तथा लगभग 20 वॉटर स्प्रिंकलर सड़कों पर चलवाए जा रहे हैं। यह रोजाना लगभग 50 किलोमीटर तक का क्षेत्र कवर कर रहे हैं।

ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के आधार पर वाहनों को चलाया जा रहा है। जलकल विभाग द्वारा तालाबों का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है। शहर में नगर निगम का बायोडायवर्सिटी पार्क को भी शासन ने स्वीकृत कर दिया है। ऐसे में नगर निगम द्वारा शहरवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग से कार्य कराए जा रहे हैं। नगर आयुक्त का कहना है कि आगामी समय में वायु गुणवत्ता में और भी सुधार देखने को मिलेगा। इसको लेकर हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल के माध्यम से तिमाही रिपोर्ट में गाजियाबाद को देश में नंबर-4 और प्रदेश में नंबर-2 स्थान पर दर्शाया गया है।