गाजियाबाद। जिले में दिनों दिन बढ़ रहे अपराध के तरीकों की स्टडी करने में महारत हासिल करने वाली क्राईम ब्रांच पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की टीम बदमाशों के लिए काल साबित हो रही है। घटना कोई भी कम समय में खुलासा कर बदमाशों को उनकी सही जगह भेज रही है। एक बार फिर क्राईम ब्रांच ने 50 हजार इनामी तीन अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से चोरी का करीब 60 लाख रुपये का माल व चोरी की घटना में प्रयुक्त कार बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में जियो व एयरटेल के मोबाइल टावरों से बैटरी, आरआर यूनिट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि चोरी करते थे। हालांकि गिरोह में शामिल 6 अपराधियों को क्राइम ब्रांच की टीम हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिसमें गिरोह का सरगना कंपनी का इंजीनियर राहुल गोयल भी शामिल था। जिनके कब्जे से करीब 4 करोड़ रुपये माल बरामद किया गया था। इस गिरोह में 7 लोग फरार चल रहे थे। जिनमें तीन को तो गिरफ्तार कर लिया है, बाकी फरार चार साथियों की तलाश भी जारी है।
लोहिया नगर स्थित अपने कार्यालय में बुधवार को एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी की टीम ने बुधवार को नईम पुत्र शफी अहमद निवासी जीरो कान्ति नगर सरताज मोहल्ला ईस्ट लड सीलमपुर दिल्ली (कबाडी), वसीम मलिक पुत्र नसीम मलिक निवासी भागीरथी विहार गोकलपुरी दिल्ली (कबाड़ी) और अल्ताफ पुत्र एहसान निवासी गांधी कॉलोनी रावली रोड कस्बा मुरादनगर (चोर) को थाना नंदग्राम क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से करीब 60 लाख रुपये का माल और घटना में प्रयुक्त वैगनार कार बरामद किया गया है। पकड़े गए आरोपी 50 हजार इनामी अन्तर्राज्यीय चोर है। जियो व एयरटेल के मोबाइल टावरों से बैटरी, आरआर यूनिट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चोरी की घटना का पूर्व में खुलासा किया जा चुका है। जिसमें गिरोह के सात आरोपी फरार चल रहे थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एडीसीपी ने बताया अल्ताफ 5वीं पास है और उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते है। उन्हें के साथ रोज राजमिस्त्री का काम करता था। मगर ज्यादा कमाई न होने के कारण उसका मन नहीं लगता था। इस बीच इसकी दोस्ती वसीम अल्वी व सुहेल मलिक से हुई। उन्होंने मोबाइल टॉवर के आरआरयू व अन्य उपकरण चोरी करने के बारे में बताया। जिसके बाद वह उनके साथ चोरी करने लगा। नईम मलिक 12वीं फेल है और घर के नीचे ही कबाड़ का काम करता था। पूर्व में वह आर्मी के कबाड का लाट उठाता था। उसके बाद दुबई से सैकेण्ड हैण्ड लैपटॉप लाकर बेचने का काम करने लगा। लेकिन ज्यादा मुनाफा नही हुआ। इसी बीच लॉकडाउन हो गया और उसके बाद उसने फिर कबाड़ का काम शुरू किया। इसी बीच नईम की मुलाकात जावेद मीरा पुरिया से मुस्तफाबाद में हुई। जावेद मीरा पुरिया ने बताया कि मोबाइल टावरों से चोरी की आरआरयू व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का काम करने में लाखों का फायदा है और जावेद ने नईम से कहा कि वह उसकी बताई हुई पार्टियों से माल लेकर सुरक्षित सुमित के माध्यम से माल की डिलीवरी करवा दें। इसमे काफी फायदा होगा।
इस पर नईम ने जावेद की बताई हुई पार्टियों से चोरी का माल लेकर सुमित के माध्यम से वसीम व जावेद को पहुंचाने लगा। वसीम मलिक 7वीं फेल है और जावेद मलिक मीरापुरिया का छोटा भाई है। वैशाली सेक्टर-4 में फाईन कैफे के नाम से पार्टनरशिप मे रेस्टोरेन्ट चलाता है। अपने भाई जावेद मीरा पुरिया के साथ मिलकर मोबाइल टावर से चोरी की आरआरयू व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की खरीद-फरोख्त का काम करता है। उसका भाई जावेद गाजियाबाद, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से मोबाइल टावरों से चोरी किया गया रेडियो रिसीवर यूनिट, बैट्रियां व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर उसे आगे बेचता है। उन्होंने बताया पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल टावरों की बैट्री, रेडियो रिसीवर यूनिट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की चोर बजारी में काफी मांग चल रही थी। मोबाइल टावरों पर लगे उपकरण काफी महंगे होते है और इनको चुराना काफी आसान होता है और इसकों ट्रांसपोर्ट करने में कोई समझ भी नही पाता हैं।
पहले यह लोग अलग-अलग मोबाइल टावरों से आरआरयू व अन्य उपकरण चोरी करने व बेचने का काम करते थे। फिर उसके बाद एक संगठित गिरोह बना लिया। गिरोह में कैफ, सुमित कसाना, राहुल गोयल, शुएब मलिक, वसीम अलवी, सुहेल मलिक, जुबैर, अल्ताफ, नईम, मेहराजुद्दीन, जावेद व उसका भाई वसीम शामिल है। गिरोह के सुहेल मलिक, वसीम अलवी, जुबैर व अल्ताफ दिल्ली एनसीआर में दिन में कबाडे की फेरी करके कबाडे का काम करते थे और जिस मोबाइल टावर से इनको चोरी करनी होती है उसको ये लोग दिन के समय ही कबाडे की फेरी करते हुए चिन्हित कर लेते थे। राहुल गोयल यह बता देता था कि किस टावर पर कौन सा आरआरयू व अन्य उपकरण लगे है और उसे कैसे खोलना है। क्योकिं वह टेलीकॉम कम्पनी में ही काम करता था। उसी का फायदा इन्हें मिल जाता था। घटना स्थल पर जाने के लिए गाडी का इंतजाम सुहेल करता और रात्रि के समय मे उस गाड़ी से ये लोग चिन्हित किए गए टॉवर तक पहुंच जाते थे।
इनके दो-तीन साथी मोबाइल टावर पर चढ जाते थे और औजारों की मदद से उसमे लगे रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरी व अन्य कीमती उपकरण चोरी कर लेते थे। चोरी करने के बाद चोरी किया सामान ये लोग उसी गाडी मे रखकर फरार हो जाते है। राहुल इन लोगों को सभी उपकरणों के बारे में बताता है कि कौन सा उपकरण क्या है और कितना महंगा है। चोरी किये गये माल को बेचने के लिए कैफ, शुएब, सुमित, नईम, मेहराजुद्दीन उस माल को जावेद व उसके भाई वसीम को पहुंचाते थे। माल बेचने के बाद जो रूपये मिलते थे उसको ये लोग आपस मे बांट लेते थे। जिनके अपने महंगे शौक को पूरा करते थे। पकड़े गए आरोपी पश्चिमी बंगाल, बिहार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद, नोएडा दिल्ली एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर मोबाइल टावरो से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरी व अन्य कीमती उपकरण चोरी करने की घटना को अंजाम दे चुके है। जल्द ही गिरोह में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

















