-कूड़ा उठाने वाली 663 गाडिय़ों की जीपीएस से निगरानी शुरु
-नगर आयुक्त ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की मॉनिटरिंग प्रबल करने के दिए निर्देश
-नियमित हो कूड़े का उठान, व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करें स्वास्थ्य विभाग
गाजियाबाद। नगर निगम ने अपने वाहनों को जीपीएस तकनीक से लैस कर दिया है। कूड़ा कलेक्शन के लिए निकले वाहन अब कंट्रोल रूम की नजर में रहेंगे। इससे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में और सुधार होगा। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की निगरानी के लिए अब तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। गाड़ी किस गली में पहुंची या नहीं, इसकी जानकारी कंट्रोल में सीधे मिलेगी। इस कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर यह पता लगा जाया करेगा कि कूड़ा उठाने की कौन सी गाड़ी किस जगह पर है। यह निगरानी गाड़ी में लगे जीपीएस से होगी। इसके लिए बाकायदा गाडिय़ों का रूट भी तय किया जा रहा है। किस गाड़ी को किस गली या मोहल्ले में जाना है, यह भी तय होगा। बता दें कि अभी तक यह शिकायत मिलती रही है कि उनकी गली में कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी नहीं पहुंची या फिर कूड़ा निस्तारण के बजाए कहीं और कूड़ा फेंक दिया गया। शुक्रवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए टीम के साथ बैठक की।
स्वास्थ्य विभाग को शहर के पांचो जोन में चल रहे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों में जीपीएस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने जीपीएस के माध्यम से निगम के वाहनों को ट्रैक करने की पद्धति को और अधिक मजबूत करने के लिए भी कहा है। नगर निगम द्वारा लगभग 663 गाडिय़ों में जीपीएस लगाया हुआ है। जिसके आधार पर निगम की वर्किंग को और अधिक स्मार्ट बनाया जा रहा है। कार्य कर रहे वाहनों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम मॉनिटरिंग के कार्य में लगाई हुई है। रोड स्वीपिंग मशीन पर भी स्वास्थ्य विभाग अधिकारी अपनी नजर बनाए हुए है। नगर आयुक्त ने बताया समय-समय पर शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूती देने के लिए संबंधित टीम से बैठक की जाती है। इसी क्रम में वीटीएमएस टीम के साथ बैठक की गई। बैठक में बताया गया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों में लगे हुए जीपीएस के माध्यम से गाडिय़ों की पूरी जानकारी के लिए कार्यवाही जोरों से चल रही है। जिसमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वहां किस समय किस स्थान पर है आसानी से जानकारी ली जा सकती है। कूड़ा कलेक्शन का कार्य सही प्रकार से चले इस पर नजर बनाए हुए हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कवि नगर जोन अंतर्गत व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। सड़कों पर धूल मुक्त शहर करने की योजना के क्रम में चल रही रोड स्वीपिंग पर भी स्वास्थ्य विभाग अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। नगर आयुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार को चल रही मॉनिटरिंग के कार्य को प्रबल बनाने के लिए कहा गया। जिसमें हर जोन के लिए अलग-अलग टीम के द्वारा कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए। बिना जीपीएस के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन, रोड स्वीपिंग वाहन को कार्य में इस्तेमाल न करने के लिए निर्देश दिए। नगर निगम द्वारा शहर हित में लगातार बेहतर कार्य किया जा रहे हैं। इसी दृष्टिगत डोर टू डोर पूरा कलेक्शन वाहनों पर भी पूरी नजर बनाए रखने के लिए व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया गया है। जिसके लिए अलग से टीम बनाई गई है जो कि कार्य कर रही है। जिससे न केवल नियमित और समय से कम होगा बल्कि वाहन चालकों पर भी अंकुश रहेगा।

















