– 31 मई तक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से 5000 कैमरों को जोड़ने का लक्ष्य
– राज्य कर विभाग व निगम के अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ की बैठक
गाजियाबाद। स्मार्ट सिटी के साथ गाजियाबाद को सेफ सिटी बनाने के लिए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की मेहनत रंग लाती नजर आ रही है। विभिन्न विभागों के सहयोग से नगर निगम ने करीब 700 कैमरे कंट्रोल रुम से इंटीग्रेटेड कर लिए है। नगर निगम के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से 31 मई तक 5000 कैमरों को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर निगम के अधिकारी विभिन्न विभागाध्यक्षों और व्यापारियों से वार्ता कर सहयोग की अपील कर रहे है। शहरवासियों की सुरक्षा व आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से नगर निगम 5000 कैमरों को कंट्रोल रूम से इंटीग्रेटेड कर रहा है। नगर निगम शहर में विकास के साथ सुरक्षा की योजना पर काम करने में जुटा हुआ है। इसी के तहत शहर के प्रवेश द्वार, शहर के मुख्य चौक और चौराहे, भीड़ वाले स्थान, गली-मोहल्ले समेत अन्य जगहों पर लगे कैमरों को कंट्रोल रुम से जोड़ रहा है।
शुक्रवार को राज्य कर विभाग में राज्य कर विभाग, नगर निगम के अधिकारियों के साथ व्यापारियां की बैठक हुई। बैठक में राज्य कर विभाग की ओर से व्यापारियों से अपील की गई कि वह अपने व्यापार स्थलों के बाहर लगे कैमरों का लिंक नगर निगम के साथ साझा करें। जिससे निगम की ओर से निगरानी बढ़ाई जा सकें। जिससे गाजियाबाद को स्मार्ट सिटी के साथ सेफ सिटी भी बनाया जा सकें। अपर आयुक्त रोड-1, राज्य कर गाजियाबाद जोन-प्रथम द्वितीय, दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि हमारा गाजियाबाद शहर स्मार्ट तभी बन सकता है, जब यहां के नागरिक पूरी तरह से सुरक्षित रहें। सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी भी है, हमें जागरूक होकर नगर निगम का सहयोग करना होगा। उन्होंने ने व्यापारियों से कहा कि व्यापारिक संगठन व्यापारियों के प्रतिनिधि होते हैं। उनकी व्यापारियों तक सीधी पकड़ होती है। ऐसे में हम सभी व्यापार संगठनों से अपील करते हैं कि वह अपने अपने क्षेत्र के व्यापारियों को प्रोत्साहित करें कि उनके व्यापार स्थलों के बाहर जो कैमरे लगे हैं उनका लिंक नगर निगम के साथ साझा करें।
नगर निगम अधिशासी अभियंता फरीद जैदी ने बताया कि अभी तक 700 कैमरे नगर निगम के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से जोड़े जा चुके है। नगर निगम द्वारा अपने स्तर पर भी अधिक से अधिक कैमरों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि 31 मई तक 5000 से अधिक कैमरे नगर निगम के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से जुड़ जाएंगे। गाजियाबाद को सेफ सिटी बनाने के लिए ही यह घर और प्रतिष्ठानों के बाहर लगे कैमरों को कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया जा रहा है। जिससे निगरानी बढ़ाई जा सकें। इससे आपराधिक वारदातों पर भी लगाम लगेगी। बाजारों में होने वाली घटनाओं को कम किया जा सकेंगा। इस मौके पर संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) हीरालाल, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) स्तुति श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता (नगर निगम) फरीद जैदी और व्यापार संगठनों अतुल जैन, प्रीतम लाल, केसरी कुमार मिश्र व अन्य मौजूद रहे।
















